बरेली के शाही थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक हंसते-खेलते घर का चिराग बुझा दिया। सेवा ज्वालापुर गांव के पास अज्ञात वाहन की भीषण टक्कर में हाईस्कूल के छात्र अरविंद की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। तीनों एक ही बाइक पर बिना हेलमेट सवार थे। हादसे के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
सौ मीटर पहले छीन ली जिंदगी
शुक्रवार की रात करीब दस बजे शाही कस्बे से अपने गांव लौट रहे तीन दोस्त शायद ही सोच पाए हों कि घर से महज सौ मीटर पहले मौत उनका इंतजार कर रही है। सेवा ज्वालापुर चौराहे से कुछ ही दूरी पर पहुंची उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि आवाज इतनी तेज थी मानो कोई बड़ा हादसा हुआ हो। हादसे के बाद अंधेरे और अफरातफरी का फायदा उठाकर वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क पर तड़पते युवकों को देख राहगीरों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
अस्पताल पहुंचते ही टूट गई आस
गंभीर रूप से घायल तीनों युवकों को तत्काल बरेली के अस्पताल ले जाया गया। परिजनों की सांसें थमी हुई थीं। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजनों की चीखें गूंज उठीं। वीरेंद्र और नरेश पाल का इलाज जारी है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। हेलमेट न पहनना घातक साबित हुआ।
एक परिवार की टूटी उम्मीद
सेवा ज्वालापुर गांव निवासी अरविंद अपने माता-पिता की उम्मीदों का सहारा था। दो भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। वह दसवीं कक्षा का छात्र था। पढ़ाई के साथ-साथ शादी और सामाजिक कार्यक्रमों में वेटर का काम कर परिवार की आर्थिक मदद करता था। परिजनों ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों को समझने वाला अरविंद बेहद मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां की आंखें सूख चुकी हैं, पिता गुमसुम बैठे हैं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीन सवारी और बिना हेलमेट — बड़ी लापरवाही
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार थे। किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हेलमेट होता तो शायद नुकसान इतना जानलेवा न होता। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों में बड़ी वजह बनती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन सवारी और बिना हेलमेट चलना जानलेवा जोखिम है।
फरार वाहन चालक की तलाश
पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वाहन और चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों में आक्रोश है कि तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
उसी रात दो और हादसे
शाही क्षेत्र में शुक्रवार की रात सड़कें खून से सनी रहीं। दो अलग-अलग हादसों में दो और लोग घायल हो गए।
तेज रोशनी से चकाचौंध, पेड़ से टकराई बाइक
नरखेड़ा गांव निवासी देवी दास धनेटा-शीशगढ़ मार्ग पर जा रहे थे। अचानक सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी से उनकी आंखें चकाचौंध हो गईं और बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बरात की बग्घी से टकराव
दूसरी घटना में धर्मपाल रात करीब साढ़े नौ बजे घर लौट रहे थे। सामने से आ रही बरात की बग्घी से उनकी बाइक भिड़ गई। हादसे में वह घायल हो गए।