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बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के गांव बभिया में छुट्टा पशुओं का आतंक जानलेवा बन गया। बुधवार तड़के खेत की ओर जा रहे किसान रामफेर पाराशर पर एक बेकाबू सांड़ ने हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई, जबकि बचाने दौड़े चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में मातम और आक्रोश दोनों का माहौल है तथा ग्रामीण प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 

खेत की पगडंडी पर अचानक टूटा कहर

परिवार के अनुसार रामफेर पाराशर अविवाहित थे और रोज की तरह तड़के खेत की ओर निकले थे। गांव के बाहर पहुंचते ही एक छुट्टा सांड़ झाड़ियों के बीच से निकला और बिना किसी उकसावे के उन पर टूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांड़ ने पहले उन्हें सींग मारी और फिर हवा में उछालकर नीचे पटक दिया। इस हमले में उनका सिर और सीना गंभीर रूप से चोटिल हो गया।

बचाने दौड़े, खुद बने निशाना

किसान पर हमला होते देख आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। मृतक के भतीजे मुनेंद्र समेत कई लोगों ने साहस दिखाते हुए उन्हें बचाने की कोशिश की। लेकिन बेकाबू सांड़ ने एक के बाद एक ग्रामीणों को भी निशाना बना लिया। उदयवीर, विद्यावती, अशोक शर्मा और उनका बेटा अमित घायल हो गए। किसी के हाथ में फ्रैक्चर, तो किसी के सिर और पीठ में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और शोर मचाकर किसी तरह सांड़ को भगाया, तब जाकर हालात काबू में आ सके। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद महिलाएं बदहवास होकर रोने लगीं।

जिला अस्पताल में चला इलाज, गांव में पसरी दहशत

घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक एक-दो घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। गांव में इस घटना के बाद भय का माहौल है। बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल रहे और किसानों ने अकेले खेत जाने से परहेज करना शुरू कर दिया है।

‘मंगलवार को छोड़ दिया गया था सांड़’ – ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि यह सांड़ मंगलवार को किसी ने गांव के बाहरी इलाके में छोड़ दिया था। क्षेत्र में पहले से ही छुट्टा पशुओं की समस्या गंभीर है। गांव के प्रधान ने बताया कि बभिया में कोई गौशाला नहीं है। अक्सर शहर से पकड़े गए पशुओं को यहां छोड़ दिया जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब जब एक किसान की जान चली गई है, तब प्रशासन हरकत में आया है।

प्रशासन का बयान

कैंट थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। साथ ही संबंधित विभाग को छुट्टा सांड़ को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि ग्रामीणों का सवाल है—क्या हर बार किसी की मौत के बाद ही कार्रवाई होगी?

छुट्टा पशुओं का बढ़ता संकट

बरेली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में छुट्टा पशुओं का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। फसलें बर्बाद होना तो आम बात है, लेकिन अब यह समस्या जानलेवा रूप लेती जा रही है। कई गांवों में किसान रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि गौशाला प्रबंधन, पशु पकड़ने की समुचित व्यवस्था और स्थानीय निकायों की सक्रियता से ही इस संकट पर काबू पाया जा सकता है।

आक्रोश और मांग

घटना के बाद गांव में लोगों ने पंचायत कर प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखीं—

  • हमलावर सांड़ को तुरंत पकड़ा जाए।
  • गांव में अस्थायी गौशाला की व्यवस्था हो।
  • मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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