बरेली। गांधी पार्क, चौकी चौराहा पर चल रहा अनिश्चितकालीन किसान सत्याग्रह गुरुवार को 27वें दिन में प्रवेश कर गया। कड़ाके की ठंड, बीमारी और प्रशासनिक अड़चनों के बावजूद किसानों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है। डॉ. हरीश गंगवार के नेतृत्व में हजारों किसान अहिंसक और गांधीवादी तरीके से अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
किसानों का कहना है कि 17 जनवरी से शुरू हुआ यह आंदोलन बीज चोरी, फसल लूट, धोखाधड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है। किसानों का आरोप है कि बदायूं के बजीरगंज (बगरैन) स्थित गोदाम से हजारों क्विंटल बीज की लूट हुई, लेकिन अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
‘ठंड, बीमारी और रुकावटें भी नहीं तोड़ सकीं हौसला’ – डॉ. हरीश गंगवार
किसान सत्याग्रह आंदोलन समिति के संयोजक डॉ. हरीश गंगवार ने कहा कि पिछले 27 दिनों में किसान भाइयों-बहनों ने ठंड, स्वास्थ्य समस्याओं और परिवार से दूरी जैसी कठिनाइयों को झेला है, लेकिन आंदोलन कमजोर नहीं पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नर कार्यालय को ज्ञापन सौंपने से रोकना किसानों की शांतिपूर्ण मंशा पर सवाल खड़े करता है, फिर भी किसान अहिंसा के रास्ते पर अडिग हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं-धान बीज, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये है, की लूट हुई है। इससे 4000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों की मांग है कि या तो बीज वापस दिलाया जाए या फिर तुरंत मुआवजा दिया जाए।
एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसान विरोधी नीतियों का विरोध
फरीदपुर से आए किसान नेता कमर गनी ने सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग दोहराई। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे प्रस्तावों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि ऐसे फैसलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। किसानों ने बढ़ते कर्ज, महंगी खाद-बीज-डीजल, सिंचाई की दिक्कतों और एनबीएफसी कंपनियों द्वारा किए जा रहे कथित वित्तीय शोषण पर सख्त कदम उठाने की मांग की। किसानों का कहना है कि मौजूदा नीतियां खेती को घाटे का सौदा बना रही हैं।
आंदोलन होगा और तेज, समाज के हर वर्ग को जोड़ने की तैयारी
किसान जगदीश सरन ने कहा कि सत्याग्रह को और मजबूत करने के लिए युवाओं, महिलाओं और विभिन्न किसान संगठनों को लगातार जोड़ा जा रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। दमखोदा से आए किसान महेंद्र पाल गंगवार ने उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन से तुरंत बातचीत शुरू करने और किसानों को न्याय दिलाने की मांग की।
सत्याग्रह में शामिल प्रमुख किसान नेता
आज के सत्याग्रह में जगदीश सरन, नरायन सिंह, जाहिद अली, कमुर्द्दीन सैफी, विपिन पटेल, राकेश गंगवार, मुनीश कुमार, जितेंद्र कुमार, साहिव सिंह, विनोद कुमार, तीरथ, मधुकर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि अब अन्नदाता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए किसान तब तक डटे रहेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। किसान एकता जिंदाबाद,
सत्याग्रह जारी रहेगा, न्याय हमारा हक है।