बरेली। मुकद्दस महीने रमजान का आगाज़ 19 या 20 फरवरी को चांद के दीदार के साथ होने की संभावना है। रमजान को लेकर मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों, मदरसों और घरों में तैयारियां ज़ोरों पर हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ के लिए हाफिज़ों की तैनाती शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक 18 फरवरी को चांद देखने का विशेष इंतजाम किया जाएगा। अगर इसी दिन चांद नज़र आ गया या कहीं से शरई शहादत मिल जाती है तो उसी रात से नमाज़-ए-तरावीह शुरू हो जाएगी और अगले दिन 19 फरवरी से पहला रोज़ा रखा जाएगा। चांद न दिखने की सूरत में 20 फरवरी से रमजान की शुरुआत होगी।
मस्जिदों में रंग-रोगन और सफाई तेज
रमजान से पहले मस्जिदों और घरों में रंग-रोगन, साफ-सफाई और सजावट का काम तेज़ी से चल रहा है, ताकि इबादत के इस मुकद्दस महीने में नमाज़ियों को किसी तरह की दिक्कत न हो। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने संयुक्त रूप से मरकज़ी कैलेंडर 2026-27 और रमजान की जंत्री जारी की। जंत्री में पहले रोज़े से आखिरी रोज़े तक सहरी और इफ्तार का समय दर्शाया गया है।
साल भर के त्योहार और उर्स की तारीखें भी शामिल
मुफ़्ती सलीम नूरी बरेलवी ने बताया कि जंत्री के साथ-साथ मरकज़ी रेहाने मिल्लत कैलेंडर भी जारी किया गया है, जिसमें साल भर आने वाले मुस्लिम त्योहारों और देश भर में होने वाले प्रमुख उर्स की तारीखें भी दर्ज की गई हैं। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि कैलेंडर में रोज़ा और इफ्तार की दुआ, सदक़ा-ए-फ़ित्र, एतेकाफ, ईद की नमाज़ का तरीका, फ़ज़ाइल-ए-रमजान, नमाज़-ए-तरावीह और रोज़े से जुड़ी मकरूहात समेत अहम मसाइल भी शामिल किए गए हैं। यह कैलेंडर देश-विदेश में अकीदतमंदों और मुरीदों को सोशल मीडिया और डाक के ज़रिये भेजा जा रहा है।
बड़ी संख्या में अकीदतमंद रहे मौजूद
इस मौके पर हाजी जावेद खान, औरंगज़ेब नूरी, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी, शाहिद नूरी, ताहिर अल्वी, शान रज़ा, मंज़ूर रज़ा, मुजाहिद रज़ा, ज़ोहिब रज़ा, साजिद नूरी, इशरत नूरी, इरशाद रज़ा, काशिफ सुब्हानी, यूनुस गद्दी, शरिक बरकाती, सबलू अल्वी, अब्दुल माजिद, सुहैल रज़ा, शाद रज़ा, नईम नूरी, सैय्यद माजिद, सैय्यद एजाज़, आरिफ नूरी, अमान रज़ा, हाजी अज़हर बेग, अजमल रज़ा, समी रज़ा, साकिब रज़ा, तारिक सईद, हाजी शरिक नूरी, अरवाज़ रज़ा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।