sसोना-चांदी को टक्कर, रिकॉर्ड हाई पर कॉपर

नई दिल्ली। सोना और चांदी के बाद अब तांबा यानी कॉपर निवेशकों और कमोडिटी बाजार का नया आकर्षण बनता जा रहा है। वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। लंदन मेटल एक्सचेंज LME में सोमवार को कॉपर का भाव 14,533 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया। मंगलवार को तीन महीने के बेंचमार्क कॉपर वायदा में करीब 0.9 फीसदी की तेजी रही और यह 14,510 डॉलर प्रति टन के आसपास कारोबार करता दिखा।

सालभर में कॉपर ने दिखाई जबरदस्त तेजी

कॉपर की कीमतों में तेजी केवल कुछ दिनों की नहीं है। इस साल अब तक इसके भाव में करीब 16 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि कॉपर की मौजूदा कीमत कई बड़े ब्रोकरेज हाउस के अनुमानों से भी आगे निकल गई है। गोल्डमैन सैक्स ने 2026 की चौथी तिमाही में कॉपर की कीमत करीब 11,200 डॉलर प्रति टन रहने का अनुमान लगाया था, जबकि ड्यूश बैंक ने साल के लिए औसत भाव 12,125 डॉलर प्रति टन रहने की उम्मीद जताई थी।

सप्लाई की चिंता ने कीमतों को दी रफ्तार

कॉपर की कीमतों में तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता मानी जा रही है। प्रमुख खदानों से उत्पादन बढ़ाने में मुश्किलें आ रही हैं, जबकि औद्योगिक मांग लगातार बढ़ रही है। चिली जैसे प्रमुख कॉपर उत्पादक देश में भी शिपमेंट पर दबाव देखने को मिला है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है।

अमेरिकी टैरिफ की आशंका से बढ़ी खरीदारी

रिफाइंड कॉपर के आयात पर अमेरिका में टैरिफ बढ़ने की आशंका ने भी बाजार में हलचल बढ़ाई है। व्यापारियों ने संभावित टैरिफ से पहले कॉपर का आयात बढ़ाया है। 2026 की पहली छमाही में अमेरिका ने करीब 8.85 लाख टन कॉपर का आयात किया। इसके चलते वैश्विक भंडार का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार की ओर जाने और LME नेटवर्क में स्टॉक घटने की चिंता बढ़ी है।

AI और ग्रीन एनर्जी ने बढ़ाई कॉपर की मांग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर ने कॉपर की मांग को नई ताकत दी है। डेटा सेंटर, बिजली आपूर्ति व्यवस्था और नेटवर्क उपकरणों में बड़े पैमाने पर तांबे की जरूरत होती है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं में बढ़ते निवेश से भी कॉपर की खपत बढ़ने की उम्मीद है।

कॉपर से जुड़े शेयरों में भी तेजी

कॉपर की रिकॉर्ड कीमतों का असर भारतीय शेयर बाजार में इससे जुड़ी कंपनियों पर भी दिखाई दिया। मंगलवार को बाजार में कमजोरी के बावजूद हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में करीब पांच फीसदी की तेजी देखने को मिली। वेदांता और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। कॉपर की कीमतों में जारी तेजी ने अब कमोडिटी बाजार के साथ मेटल सेक्टर के शेयरों पर भी निवेशकों का ध्यान खींच लिया है।

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