शाहजहांपुर। रोडवेज के एक बाबू को चार हजार रुपये की रिश्वत लेना महंगा पड़ गया। अगले महीने की ड्यूटी लगाने के बदले रिश्वत मांगने वाले वरिष्ठ लिपिक को एंटी करप्शन बरेली की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। बस स्टैंड पर हुई इस कार्रवाई से रोडवेज कर्मचारियों में खलबली मच गई।
सिंधौली थाना क्षेत्र के हरिवल्लभपुर गांव निवासी सरोज मिश्रा ने एंटी करप्शन से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि रोडवेज डिपो में तैनात वरिष्ठ लिपिक नृपेश कुमार अगले महीने की ड्यूटी लगाने के बदले चार हजार रुपये मांग रहा था। बिना रुपये दिए काम नहीं होने की आशंका पर उन्होंने रिश्वत देने के बजाय बाबू की शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी में जुट गई।
बस स्टैंड पर बिछाया जाल, रुपये पकड़ते ही दबोचा
गुरुवार को बरेली से पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की। दोपहर करीब 12:35 बजे शाहजहांपुर रोडवेज बस स्टैंड स्थित एमएसटी कार्यालय के दाहिनी ओर बनी लॉबी में नृपेश कुमार ने जैसे ही चार हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई।
चार हजार की रिश्वत ने बढ़ाई बाबू की मुश्किलें
गिरफ्तार नृपेश कुमार (40) मूल रूप से बलिया जिले के उभाव थाना क्षेत्र के पलिया खास गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम स्वर्गीय मदन किशोर सिंह है। वह शाहजहांपुर रोडवेज डिपो में वरिष्ठ लिपिक एवं टाइम कीपर के पद पर तैनात था। महज चार हजार रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी के बाद अब उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। एंटी करप्शन की ओर से आरोपी के खिलाफ सदर बाजार थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।