भाकियू लोक शक्ति ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
बरेली। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन के मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह फौजी के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर धान खरीद केंद्र समय से शुरू कराने, पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने और कृषि विभाग के बीज भंडारों में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई।
ओलावृष्टि से नुकसान का सर्वे कराकर मिले मुआवजा
ज्ञापन में कहा गया कि जनपद में ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण धान, मक्का, गन्ना, उड़द, मूंग, तिल सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने सभी प्रभावित तहसीलों और विकासखंडों में राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमों से निष्पक्ष सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और पात्र किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की।
बीज भंडारों की शिकायतों की जांच की मांग
संगठन ने राजकीय कृषि बीज भंडार बहेड़ी के प्रभारी के संबंध में मिली कथित अनियमितताओं की शिकायतों की जांच कराने की मांग उठाई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रभारी को हटाने और नए प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपने संबंधी आदेशों के बावजूद व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ। संगठन ने आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की।
बिथरी ब्लॉक के गोदाम पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में बिथरी ब्लॉक स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी की नियुक्ति का मामला भी उठाया गया। संगठन का आरोप है कि पूर्व में हटाने के आदेश के बावजूद संबंधित प्रभारी को दोबारा उसी गोदाम पर नियुक्त कर दिया गया। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने और गोदाम की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
धान खरीद केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना मिले
किसान यूनियन ने जनपद के सभी धान खरीद केंद्र समय से चालू कराने और प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में बोरियां उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर समय से खरीदा जाए, ताकि उन्हें कई दिनों तक इंतजार न करना पड़े। खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कृषि योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर
संगठन ने राजकीय कृषि बीज भंडारों से बीज वितरण और सरकारी कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ लंबित समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने पर जोर दिया गया।
गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
ज्ञापन में खेती की बढ़ती लागत और किसानों की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए, जिससे खेती की लागत निकलने के साथ उन्हें सम्मानजनक आय भी प्राप्त हो सके।