बरेली। जिले में महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी ने रविवार को वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। सीडीओ के अचानक पहुंचने से सेंटर में व्यवस्थाओं की जांच शुरू हो गई। उन्होंने यहां आवासित पीड़िताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सेंटर में मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सेंटर की व्यवस्थाओं और पीड़िताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेना रहा।
पीड़िताओं से आमने-सामने बातचीत, जानीं समस्याएं
निरीक्षण के दौरान सीडीओ देवयानी ने सेंटर में रह रही पीड़िताओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने उनसे उनकी परेशानियों और यहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि सेंटर में रहने के दौरान पीड़िताओं को किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। पीड़िताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनना निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को संकट की स्थिति में सहायता और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। ऐसे में यहां आने वाली महिलाओं की जरूरतों और सुविधाओं की समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कैंटीन में भोजन से लेकर दूसरी व्यवस्थाओं तक की जांच
सीडीओ ने सेंटर की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कैंटीन में भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को देखा। इसके साथ ही सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी देखा कि सेंटर में रहने वाली महिलाओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं किस प्रकार संचालित की जा रही हैं। अधिकारियों ने सेंटर की कार्यप्रणाली और सुविधाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
केस पंजिका और अभिलेखों का किया अवलोकन
निरीक्षण के दौरान सीडीओ देवयानी ने केस पंजिका, अल्पावास पंजिका समेत विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों और पत्रावलियों का अवलोकन किया। इन दस्तावेजों के माध्यम से सेंटर में दर्ज मामलों और संबंधित रिकॉर्ड की स्थिति का जायजा लिया गया। सरकारी अभिलेखों का रखरखाव और उनका व्यवस्थित होना सेंटर की कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा है। इसी क्रम में सीडीओ ने दस्तावेजों की जांच कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण में व्यवस्थाएं मिलीं संतोषजनक
औचक निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा सहित वन स्टॉप सेंटर और पुलिस चौकी का स्टाफ मौजूद रहा। सीडीओ के निरीक्षण के दौरान पीड़िताओं से संवाद, भोजन व्यवस्था की जांच और अभिलेखों का अवलोकन प्रमुख रूप से शामिल रहा।