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bareillyप्रो. विनय ऋषिवाल विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल

स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की 2026 सिंगल-ईयर इम्पैक्ट सूची में नेटवर्किंग एवं दूरसंचार क्षेत्र में 4046वीं रैंक

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. विनय ऋषिवाल का नाम वर्ष 2026 की स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर सिंगल-ईयर इम्पैक्ट सूची में शामिल होने की जानकारी दी गई है। जारी विवरण के अनुसार, नेटवर्किंग एवं दूरसंचार उपक्षेत्र में उनकी वैश्विक रैंक 4046वीं है।

शोध प्रभाव के मानकों पर आधारित सूची

प्रस्तुत विवरण के मुताबिक, सूची तैयार करने में स्कोपस के आंकड़ों और वर्ष 2025 के शोध उद्धरणों सहित विभिन्न संकेतकों का उपयोग किया गया है। इनमें उद्धरणों की संख्या, एच-इंडेक्स, सहलेखन से संबंधित समायोजित संकेतक और संयुक्त उद्धरण स्कोर शामिल हैं।

शोध प्रकाशन और पेटेंट

उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, प्रो. ऋषिवाल के नाम 126 शोध प्रकाशन, 87 पेटेंट, 10 प्रकाशित पुस्तकें और नौ प्रायोजित शोध परियोजनाएं दर्ज हैं। उनके शोध कार्यों को स्कोपस में 2200 से अधिक उद्धरण मिलने और एच-इंडेक्स 25 होने का उल्लेख किया गया है। उनके प्रमुख शोध क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कंप्यूटर नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, 5जी-6जी संचार, स्मार्ट सिटी और साइबर-फिजिकल सिस्टम शामिल हैं।

अकादमिक गतिविधियों में भागीदारी

प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, प्रो. ऋषिवाल आईईईई और एसीएम के वरिष्ठ सदस्य तथा इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो हैं। वह 100 से अधिक मुख्य व्याख्यान और विशेषज्ञ वार्ताएं दे चुके हैं तथा 12 से अधिक देशों में अकादमिक एवं शोध गतिविधियों में भागीदारी कर चुके हैं। उनका मलेशिया की टेलर विश्वविद्यालय और इंडोनेशिया की नूसा पुत्रा विश्वविद्यालय से अतिथि अथवा संबद्ध प्रोफेसर के रूप में जुड़ाव भी बताया गया है।

विद्यार्थी कल्याण से संबंधित जिम्मेदारियां

अधिष्ठाता छात्र कल्याण के रूप में प्रो. ऋषिवाल विद्यार्थी सहायता, स्वास्थ्य शिविर, नशामुक्ति जागरूकता, तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, समावेशिता और लैंगिक समानता से संबंधित कार्यक्रमों के संचालन एवं समन्वय से जुड़े हैं। उपलब्ध विवरण में उन्हें सामाजिक न्याय मंच का संस्थापक भी बताया गया है। मंच अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित विद्यार्थियों से संबंधित शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों पर काम करता है।

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