बरेली। धोपेश्वरनाथ मंदिर के बाहर गोल चौराहे के पास भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक, कथित गाली-गलौज और हाथापाई की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पूरनलाल लोधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने संगठन के भीतर हलचल बढ़ा दी। पोस्ट में उन्होंने साफ शब्दों में संदेश दिया है कि ब्रज क्षेत्र में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। विवाद को हवा देने वालों से लेकर सोशल मीडिया पर लाइक, शेयर और कमेंट करने वालों तक का संज्ञान लेने की बात ने इस संदेश को और सख्त बना दिया है।
धोपेश्वरनाथ की घटना के बाद पोस्ट के निकाले जा रहे मायने
पिछले दिनों धोपेश्वरनाथ मंदिर परिसर के बाहर गोल चौराहे के पास भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच विवाद खुलकर सामने आया था। दोनों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई और मामला कथित गाली-गलौज तथा हाथापाई तक पहुंचने की चर्चा रही। मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद बताए गए थे। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच अलग-अलग कार्यक्रमों में तनातनी की बातें सामने आती रही हैं।
ऐसे में मंगलवार शाम ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष की अनुशासन को लेकर आई पोस्ट को सियासी गलियारों में इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि पूरनलाल लोधी ने किसी व्यक्ति अथवा घटना का नाम नहीं लिया और स्पष्ट किया कि उनकी पोस्ट को किसी एक प्रकरण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
ब्रज क्षेत्र में अनुशासनहीनता का स्थान शून्य
पूरनलाल लोधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ब्रज क्षेत्र में अनुशासनहीनता का स्थान शून्य है। तिल का ताड़ बनाने वालों की पहचान के लिए तह तक जाएंगे। विवादित पोस्टों पर लाइक, शेयर और कमेंट का भी संज्ञान लिया जाएगा। ब्रज क्षेत्र में अब सार्वजनिक बयानबाजी, सोशल मीडिया के जरिए खेमेबंदी और अंदरूनी विवाद को बाहर लाने वालों पर संगठन की निगाह सख्त हो सकती है।
भवानी सिंह के दौर की याद, जब गुटबाजी पर खींची गई थी लकीर
पूरनलाल लोधी के इस तेवर ने भाजपा के दिवंगत नेता और पूर्व क्षेत्रीय संगठन मंत्री भवानी सिंह के दौर की याद भी ताजा कर दी है। उस समय भी संगठन के भीतर खेमेबंदी और गुटबाजी बड़ी चुनौती बनी हुई थी। भवानी सिंह ने तब बेहद स्पष्ट संदेश दिया था कि भाजपा किसी नेता के घर या निजी कार्यालय से नहीं, बल्कि पार्टी कार्यालय से चलेगी।
इस संदेश के बाद संगठनात्मक अनुशासन पर जोर बढ़ा और अलग-अलग खेमों में बंटे कार्यकर्ताओं तथा नेताओं को पार्टी की तय व्यवस्था के भीतर लाने की कोशिश हुई। अब पूरनलाल लोधी का अंदाज भी उसी संगठनात्मक सख्ती की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
2027 से पहले अंदरूनी दरार भरने की कवायद
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए संगठनात्मक एकजुटता बेहद अहम है। बरेली समेत ब्रज क्षेत्र में नेताओं के बीच मतभेद यदि सार्वजनिक मंचों और सड़कों तक पहुंचते हैं तो इससे पार्टी की अनुशासित संगठन वाली छवि पर असर पड़ सकता है। ऐसे में पूरनलाल की पोस्ट को केवल सोशल मीडिया संदेश के बजाय संगठन के भीतर खींची जा रही लक्ष्मण रेखा के रूप में भी देखा जा रहा है। उनके शब्दों से इतना जरूर साफ है कि वह कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के आचरण से लेकर सोशल मीडिया गतिविधियों तक अनुशासन की कसौटी तय करना चाहते हैं। अब निगाह इस पर रहेगी कि यह संदेश केवल चेतावनी तक सीमित रहता है या आने वाले दिनों में संगठनात्मक कार्रवाई के रूप में भी दिखाई देता है।
वरिष्ठ नेताओं की नोकझोंक से जोड़ने पर बोले लोगों का काम है कहना
धोपेश्वरनाथ मंदिर के पास दो वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई कथित नोकझोंक से पोस्ट को जोड़कर पूछे जाने पर पूरनलाल लोधी ने सीधे तौर पर किसी घटना की पुष्टि नहीं की। शायराना अंदाज में कहा कि यह तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन में अनुशासन को लेकर उनकी अपनी अपेक्षाएं हैं और उसी सोच के तहत पोस्ट की गई है।
कमेंट नहीं, कार्यकर्ताओं की ‘नब्ज पढ़ रहे क्षेत्रीय अध्यक्ष
ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष के मुताबिक पोस्ट का उद्देश्य कार्यकर्ताओं और आम लोगों की प्रतिक्रिया जानना भी है। वह प्रतिक्रियाओं को महज सोशल मीडिया कमेंट के रूप में नहीं, बल्कि संगठन के लिए सुझाव के तौर पर देख रहे हैं। इन्हीं प्रतिक्रियाओं के आधार पर आगे का रोडमैप तैयार करने की बात कही गई है।
फिलहाल पूरनलाल लोधी की पोस्ट ने एक बात स्पष्ट कर दी है कि ब्रज भाजपा में गुटबाजी, सार्वजनिक टकराव और अनुशासनहीनता को लेकर क्षेत्रीय नेतृत्व अब सख्त संदेश देने के मूड में है।