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up newsजलाभिषेक करने पहुंचे भाजपा नेता।

बरेली। भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान सोमवार को धोपेश्वरनाथ मंदिर के बाहर एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। सावन के अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक के लिए जुटे पार्टी नेताओं के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, फिर गाली-गलौज शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की व हाथापाई तक पहुंच गया। वरिष्ठ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस भिड़ंत ने मंदिर के बाहर सियासी तमाशे जैसी स्थिति पैदा कर दी।

जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे नेता, बाहर चढ़ गया सियासी पारा

सोमवार सुबह करीब 11 बजे धोपेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भाजपा के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे थे। धार्मिक माहौल के बीच दो नेताओं का आमना-सामना हुआ तो पुरानी तल्खी फिर उभर आई। बातचीत से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में तीखे आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। आवाजें ऊंची हुईं और फिर दोनों तरफ से अपशब्द कहे जाने लगे। बात इतनी बढ़ी कि दोनों नेता एक-दूसरे से उलझ पड़े और धक्का-मुक्की के बाद हाथापाई हो गई।

पहली बार नहीं भिड़े, पहले भी सामने आ चुकी है आपसी खींचतान

दोनों नेताओं के बीच टकराव का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र नगर में भी दोनों पक्ष आमने-सामने आ चुके हैं। उस समय एक नेता के बेटे का नाम सूची से हटाए जाने को लेकर विवाद भड़का था। आरोप है कि बात बढ़ने पर जमकर गाली-गलौज हुई थी और पार्टी के लोगों को बीच में आकर स्थिति संभालनी पड़ी थी।

महादेव पुल के उद्घाटन पर भी हो चुकी है धक्का-मुक्की

इसके बाद महादेव पुल के उद्घाटन के दौरान आगे रहने और राजनीतिक वर्चस्व दिखाने की होड़ ने दोनों नेताओं के रिश्तों में और कड़वाहट पैदा कर दी थी। वहां भी कहासुनी के बाद तनातनी इस हद तक पहुंची कि धक्का-मुक्की और हाथापाई की नौबत आ गई थी। अलग-अलग मौकों पर सामने आती रही यह प्रतिद्वंद्विता अब धोपेश्वरनाथ मंदिर की घटना के बाद खुली लड़ाई के रूप में चर्चा में आ गई है।

दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ हंगामा

घटनाक्रम के दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, मेयर डॉ. उमेश गौतम और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप समेत पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद बताए गए। विवाद बढ़ता देखकर आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कराया। इसके बाद किसी तरह माहौल सामान्य हुआ।

मंदिर के बाहर भिड़ंत, भाजपा के भीतर फिर उठे सवाल

धार्मिक आयोजन के दौरान दो नेताओं की सार्वजनिक भिड़ंत की खबर कुछ ही समय में राजनीतिक हलकों तक पहुंच गई। खास तौर पर पुराने विवादों की पृष्ठभूमि के कारण मामला केवल अचानक हुई कहासुनी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ चेहरों की मौजूदगी में गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंची तनातनी ने स्थानीय भाजपा के भीतर चल रही आपसी खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से पूरे घटनाक्रम पर कोई औपचारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पार्टी स्तर से भी विवाद को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऐसे में मंदिर के बाहर हुआ यह घटनाक्रम शहर के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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