बरेली। बिजली चोरी पकड़ने और बकाया राजस्व वसूलने पहुंची बिजली विभाग की टीम के साथ गांव में अभद्रता, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पर आरोपियों ने टीम को धमकाया और सरकारी काम बंद करा दिया। अवर अभियंता नीरज कुमार की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिजली विभाग के अवर अभियंता नीरज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 33/11 केवी बिजली उपकेंद्र कांधरपुर पर तैनात हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वह अपनी टीम के साथ सिरसा गांव, पोस्ट उमरसिया में राजस्व वसूली और बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान कृपाल सिंह पुत्र बुधपाल सिंह और रोहित पुत्र देवीदास के परिसर की जांच में बिजली चोरी मिलने की बात सामने आई।
कार्रवाई रोकने के लिए गाली-गलौज और धक्का-मुक्की का आरोप
शिकायत के मुताबिक, बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर कृपाल सिंह, रोहित और भउवापुर निवासी अनुराग मिश्रा पुत्र सर्वेश मिश्रा ने टीम के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों को कार्रवाई करने से रोकने की कोशिश की। जब अवर अभियंता नीरज कुमार ने बीच में हस्तक्षेप किया तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। नीरज कुमार का आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने विभागीय कार्रवाई बंद करा दी और टीम को गांव से चले जाने के लिए कहा। हालात को देखते हुए वह खुद और उनकी टीम के सदस्य भयभीत हो गए। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों को कार्रवाई रोककर बिजली उपकेंद्र लौटने के निर्देश दिए।
जेई बोले- ऐसे माहौल में काम करना मुश्किल
अवर अभियंता ने शिकायत में कहा कि यदि सरकारी काम करने पहुंचने वाली टीम के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो विभागीय कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कार्रवाई की मांग की। मामले में नीरज कुमार ने कैंट थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बिजली विभाग के कई कर्मचारियों को घटना का गवाह बताया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।