बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद संस्थान प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सहमति बन गई। इसके तहत विद्यार्थियों को अब 12 महीने तक प्रतिमाह 13 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। सहमति बनने के बाद बुधवार को विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
तीन हजार से बढ़ाकर 13 हजार रुपये किया स्टाइपेंड
इज्जतनगर स्थित आईवीआरआई में बीवीएससी एंड एएच पाठ्यक्रम के विद्यार्थी पांच अक्टूबर से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। विद्यार्थियों का कहना था कि उन्हें अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप के दौरान केवल छह महीने तक तीन हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है, जबकि इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने होती है। ऐसे में विद्यार्थियों ने पूरे 12 महीने तक 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की मांग उठाई थी।
एडीएम सिटी की मध्यस्थता से बनी सहमति
लगातार चल रहे धरने को समाप्त कराने के लिए अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. अविनाश त्रिपाठी और आईवीआरआई के निदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्टा ने पहल की। दोनों के संयुक्त प्रयास से विद्यार्थियों और संस्थान प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बातचीत के बाद स्टाइपेंड की राशि बढ़ाकर 13 हजार रुपये प्रतिमाह करने और इसे 12 महीने तक देने पर सहमति बनी। इसके बाद विद्यार्थियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
नौ दिन के आंदोलन के बाद विद्यार्थियों को मिली राहत
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों को सहमति बनने से राहत मिली है। हालांकि, विद्यार्थियों ने शुरुआत में 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की मांग की थी, लेकिन वार्ता के बाद 13 हजार रुपये पर सहमति बनी। इससे पहले विद्यार्थियों को छह महीने तक कुल 18 हजार रुपये स्टाइपेंड मिलता था। नई व्यवस्था के तहत 12 महीने में कुल 1.56 लाख रुपये स्टाइपेंड मिलेगा।