पीड़ित दम्पति को साथ ले जाती पुलिस

बरेली। कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को फिर आत्मदाह की कोशिश से हड़कंप मच गया। जमीन का बैनामा न होने और दो लाख रुपये वापस नहीं मिलने से परेशान दंपति ने कलेक्ट्रेट गेट पर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क लिया। इससे पहले कि दोनों कोई कदम उठा पाते, वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस दंपति को अपने साथ ले गई।

67 लाख के प्लॉट का सौदा, दिए दो लाख रुपये

बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के चंदपुर बिचपुरी निवासी नरेश पाल का आरोप है कि उसने बिशारतगंज थाना क्षेत्र के टीकाराम मौर्य से 67 लाख रुपये में प्लॉट खरीदने का सौदा किया था। नरेश के मुताबिक, सौदे के दौरान उसने टीकाराम को दो लाख रुपये दे दिए थे। रकम देने के बाद उसे उम्मीद थी कि जमीन का बैनामा जल्द उसके नाम कर दिया जाएगा।

न जमीन मिली, न वापस हुए रुपये

नरेश का आरोप है कि रुपये लेने के बाद टीकाराम ने न तो प्लॉट का बैनामा कराया और न ही उसके दो लाख रुपये वापस किए। वह लगातार अपने रुपये वापस मांग रहा था, लेकिन उसे हर बार टाल दिया जाता था। पीड़ित का कहना है कि जमीन और रकम दोनों को लेकर वह काफी समय से परेशान है।

०

रुपये मांगे तो धमकी देने का आरोप

नरेश ने आरोप लगाया कि जब उसने टीकाराम से अपने दो लाख रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि एक तरफ उसकी रकम फंस गई और दूसरी तरफ जमीन का बैनामा भी नहीं हुआ। कार्रवाई के लिए अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वह परेशान हो गया।

पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा नरेश

मंगलवार सुबह नरेश अपनी पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा। दोनों कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे ही थे कि उन्होंने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क लिया। अचानक दंपति को इस हालत में देखकर वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दोनों को घेर लिया और उन्हें आत्मदाह करने से रोक दिया।

पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दंपति को अपने साथ ले लिया। कलेक्ट्रेट गेट पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस अब दंपति के आरोपों की जांच कर रही है। जमीन के सौदे, दिए गए दो लाख रुपये और धमकी के आरोपों से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट गेट पर फिर सामने आया गुस्सा

कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील स्थान पर दंपति के आत्मदाह की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी कलेक्ट्रेट परिसर में लोग अपनी शिकायतों के समाधान की मांग को लेकर आत्मदाह जैसे कदम उठाने की कोशिश कर चुके हैं। मंगलवार की घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि शिकायतों के समाधान में देरी से परेशान लोग किस हद तक जाने को तैयार हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *