बरेली। रक्षाबंधन से एक दिन पहले गुरुवार को बरेली क्लब में मेयर डॉ. उमेश गौतम और फाउंडेशन अध्यक्ष पार्थ गौतम की ओर से महिलाओं के लिये रक्षाबंधन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंचीं हुई थीं। साड़ी वितरण के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने पर धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के हालात बन गये। घुटन और गर्मी से महिलाएं व बच्चे परेशान हो गए। इससे कई महिलाओं की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद एंबुलेंस को बुलाया गया। महिलाओं को मिशन अस्पताल ले जाया गया। रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुई भगदड़ को लेकर पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गरम है। कई लोगों ने कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की मौत होने की भी अफवाह उड़ा दी, हालांकि देर शाम तक पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
रेखा बेहोश होकर गिर पड़ीं, 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया
गुरुवार को कार्यक्रम में महिलाओं को साड़ियां वितरित की जा रही थीं। बड़ी संख्या में महिलाओं के एक साथ पहुंचने से अव्यवस्था हो गई। आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। कई महिलाओं और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। रेखा नाम की महिला गर्मी और घुटन के बीच बेहोश होकर गिर गईं। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। अव्यवस्था के बीच सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर दिखाई दी। भीड़ में कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। मंच से लगातार लापता बच्चों के संबंध में घोषणाएं की जाती रहीं। इससे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद परिजनों में बेचैनी बढ़ गई। महिलाओं का आरोप था कि इतनी बड़ी भीड़ जुटने की संभावना के बावजूद आवागमन और भीड़ प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। एक महिला ने अस्पताल में बताया कि करीब सात महिलाएं बेहोश हुईं हैं।
कार्यक्रम में पहुंचाने को बसें, वापसी में महिलाएं परेशान
कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बरेली क्लब तक लाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद घर वापस पहुंचाने की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इससे बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यक्रम स्थल और आसपास की सड़कों पर जमा हो गईं। भीड़ बढ़ने के साथ नाराजगी भी दिखाई दी। कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी की सूचना मिलते ही सीओ प्रथम शिवम आशुतोष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और रास्तों को खाली कराने की कोशिश की। इस दौरान बरेली क्लब की ओर आने-जाने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था जाम हो गई।
अनुमति को लेकर भी सवाल, प्रशासन को सूचना नहीं होने की चर्चा
कार्यक्रम में पैदा हुई अव्यवस्था के बाद इसके आयोजन और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे। इतने बड़े कार्यक्रम के संबंध में जिला प्रशासन को पूर्व सूचना नहीं थी और आयोजन की अनुमति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर से आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. शैलेश रंजन के मुताबिक, एंबुलेंस से लाई जा रही महिला को रास्ते में होश आ गया था। धक्का-मुक्की के दौरान लगी गुम चोट के कारण उन्हें दर्द की शिकायत थी। सफोकेशन के कारण चक्कर आने की बात सामने आई। उपचार और दवा देने के बाद महिला अस्पताल से चली गईं।
कार्यक्रम में किसी की मौत होने की पुष्टि नहीं
एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस को कार्यक्रम के बारे में पूर्व सूचना नहीं थी। बरेली क्लब में भीड़ होने की सूचना पर सीओ प्रथम, थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को लगाया गया। इसके बाद यातायात को सुचारू किया गया। कार्यक्रम में एक दो महिलाओं के बेहोश होने की सूचना मिली थी। लेकिन किसी के कोई चोट नहीं है। कार्यक्रम में किसी भी महिला या बच्चे के मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। सभी अस्पताल चेक करवा लिये गये हैं