बरेली के सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्गों में शामिल सड़क पर अचानक एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से हड़कंप मच गया। बरेली कॉलेज और नगरायुक्त आवास के पास मुख्य मार्ग पर बने गहरे सिंकहोल से हादसे का खतरा बना हुआ है। व्यस्त सड़क होने के कारण यहां से दिन-रात बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर गुजरते हैं।
अस्थायी बैरिकेडिंग के भरोसे सुरक्षा, संकरा हुआ व्यस्त मार्ग
सड़क धंसने के बाद खतरे को देखते हुए मौके पर लोहे के फोल्डिंग बैरिकेड्स और लाल ईंटें रखकर रास्ते को घेर दिया गया है। हालांकि, मुख्य मार्ग पर अवरोधक लगाए जाने से सड़क का हिस्सा संकरा हो गया है। इससे वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है।
बांस डालकर गड्ढे की गहराई नापते दिखे लोग, अंदर की खोखली जमीन ने चौंकाया
सड़क के नीचे बने गहरे और खोखले हिस्से को देखकर राहगीरों में भी चिंता है। मौके पर कुछ लोगों को बांस की बल्लियां डालकर गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाते देखा गया। सड़क के नीचे खाली स्थान दिखाई देने से लोगों को आशंका है कि आसपास का हिस्सा भी कमजोर हो सकता है।
जलभराव और कीचड़ से बदहाल कम्युनिटी हॉल परिसर
सिंकहोल के आसपास ही कम्युनिटी हॉल परिसर और संपर्क मार्गों की स्थिति भी खराब दिखाई दे रही है। जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा है। इसके साथ ही कचरा और टूटी हुई पेड़ों की शाखाएं भी परिसर में पड़ी नजर आती हैं। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
उखड़ता प्लास्टर और जर्जर फव्वारे, परिसर की बदहाली उजागर
कम्युनिटी हॉल परिसर के रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर दीवारों का प्लास्टर उखड़ा हुआ है। परिसर में लगे फव्वारे और सजावटी ढांचे भी जर्जर अवस्था में नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित देखरेख होने पर परिसर की स्थिति इतनी खराब नहीं होती।
झाड़-झंखाड़ और जलभराव से मच्छरों का खतरा बढ़ा
परिसर के कई हिस्सों में बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं। जलभराव के साथ घनी वनस्पति होने से मच्छरों और अन्य कीटों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने परिसर की नियमित सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
भूमिगत नालों की लीकेज पर उठे सवाल, सड़क धंसने की वजह तलाशना जरूरी
सड़क के अचानक धंसने के बाद इसके पीछे की तकनीकी वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमिगत नालों में लीकेज या सड़क के नीचे मिट्टी के कटाव की वजह से जमीन खोखली हुई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और भूमिगत ड्रेनेज व्यवस्था की जांच जरूरी मानी जा रही है।
अधिकारियों के आवास के पास सड़क धंसी, व्यवस्था पर उठे सवाल
जिस स्थान पर सड़क धंसी है, वह संवेदनशील और वीआईपी आवाजाही वाले क्षेत्र में आता है। अधिकारियों के आवास और प्रमुख शिक्षण संस्थान के नजदीक सड़क की ऐसी स्थिति सामने आने के बाद नगर निगम की सड़क और जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग होने के कारण यहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
छात्रों और स्थानीय लोगों की मांग—पक्की मरम्मत हो, केवल बैरिकेडिंग से नहीं चलेगा काम
बरेली कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने सड़क की जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रात के समय पर्याप्त रोशनी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर कोई वाहन गड्ढे की चपेट में आ सकता है। उनका कहना है कि अस्थायी बैरिकेडिंग के साथ-साथ सड़क के धंसने के मूल कारण की जांच कर वैज्ञानिक तरीके से स्थायी मरम्मत कराई जानी चाहिए।
बड़ा सवाल: क्या हादसे के बाद जागेगा नगर निगम?
सड़क धंसने की घटना ने शहर की सड़कों, भूमिगत नालों और जलनिकासी व्यवस्था की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग केवल बैरिकेडिंग तक सीमित रहता है या सड़क धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराकर समय रहते स्थायी समाधान करता है। फिलहाल, व्यस्त मार्ग पर बना यह गहरा गड्ढा किसी बड़े हादसे से पहले तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा है।
बोले बरेली नगर आयुक्त
भारी बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में नगर निगम की टीमें सक्रिय हैं। डी-वॉटरिंग पंप और सक्शन मशीनों से लगातार पानी निकाला जा रहा है। नालों व पुलियों से कचरा और केबल हटाकर जलनिकासी सुचारु की गई है। संजय नगर, राजेंद्र नगर और कुर्लांचल नगर में समवेल व सब-मोटर चलाए जा रहे हैं। वहीं, बरेली कॉलेज के सामने धंसी सड़क की मरम्मत भी जल्द कराई जाएगी। नगर निगम ने जल्द स्थिति सामान्य होने का दावा किया है।