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बरेली। चिटौली गांव में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम फेरी लगाकर गुजर-बसर करने वाले पोशाकी लाल मौर्य के घर पहुंच गई। टीम ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर जांच शुरू की, जो रात करीब आठ बजे तक जारी रही। बताया जा रहा है कि पोशाकी लाल के बैंक खाते में बड़ी धनराशि के लेनदेन को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि ईडी की ओर से कार्रवाई के संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।

चिटौली निवासी पोशाकी लाल मौर्य फेरी लगाने के साथ घर पर परचून की छोटी दुकान चलाते हैं। उनके दोनों बेटे परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं। ऐसे में उनके घर ईडी की टीम पहुंचने की खबर फैलते ही गांव में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

सुबह पांच बजे पहुंची टीम, प्रधान के जरिए बुलाए गए पोशाकी लाल

बुधवार सुबह करीब पांच बजे प्रभारी रवि यादव के नेतृत्व में ईडी की टीम पोशाकी लाल के घर पहुंची। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने ग्राम प्रधान अनुज सिंह के माध्यम से उन्हें बुलवाया। पोशाकी लाल के पहुंचने के बाद टीम घर के अंदर गई और मुख्य दरवाजा बंद कर लिया। कार्रवाई के दौरान घर के सदस्यों को बाहर नहीं आने दिया गया। ग्राम प्रधान ने टीम से छापेमारी के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

खाते में कहां से आई रकम, ईडी खंगाल रही कनेक्शन

बताया जा रहा है कि जांच का केंद्र पोशाकी लाल का बैंक खाता है, जिसमें बड़ी रकम का लेनदेन सामने आया है। टीम के एक सदस्य ने भी बैंक खाते में बड़ी धनराशि के लेनदेन से जुड़ी जांच होने की बात कही। जानकारी के मुताबिक पोशाकी लाल का एक रिश्तेदार दिल्ली में रहता है और उसी की ओर से खाते में बड़ी रकम भेजे जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाते में कितनी रकम, कब और किसके खाते से आई। रकम का स्रोत क्या था और पोशाकी लाल का उससे क्या संबंध है, इन बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।

स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई लिखित सूचना

ईडी की कार्रवाई को लेकर स्थानीय थाना पुलिस का कहना है कि उसे छापेमारी के संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी गई थी। उधर, सुबह पांच बजे शुरू हुई कार्रवाई रात तक जारी रहने के कारण गांव में दिनभर लोगों की भीड़ और तरह-तरह की चर्चाएं बनी रहीं। ईडी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही जांच की वास्तविक वजह और रकम के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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