एसआईटी-जीएसटी और शाही पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 1 करोड़ 25.36 लाख रुपये के राजस्व अपवंचन का मामला
बरेली। एसआईटी-जीएसटी और थाना शाही पुलिस की संयुक्त टीम ने जीएसटी फर्जीवाड़े के मामले में वांछित लक्ष्मीनारायण पुत्र कामाख्या प्रसाद निवासी ग्राम दुनका को 25 सितंबर को शाम 4:30 बजे थाना कैंट क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ 18 नवंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी को न्यायालय पेश किया जा रहा है।
दो वित्तीय वर्षों में 1.25 करोड़ से अधिक का अपवंचन
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024-25 में 67.44 लाख रुपये और वर्ष 2025-26 में 57.92 लाख रुपये के सरकारी राजस्व के कथित अपवंचन का मामला सामने आया। दोनों वर्षों की राशि मिलाकर 1 करोड़ 25 लाख 36 हजार रुपये होती है। जांच में एबीआर ट्रेडर्स नाम की फर्म से जुड़े दस्तावेज और लेनदेन भी शामिल हैं।
जमीन और बिजली बिल से कराया फर्म का पंजीकरण
पुलिस के अनुसार पूछताछ में लक्ष्मीनारायण ने बताया कि रामपुर निवासी अशद मियां के संपर्क में आने के बाद उसने अपनी जमीन और बिजली का बिल फर्म के पंजीकरण के लिए उपलब्ध कराया था। उसके पते पर एबीआर ट्रेडर्स का बोर्ड लगाकर फोटो खींची गई और उसी आधार पर फर्म का पंजीकरण कराया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने इसके बदले 70 हजार रुपये नकद और बाद में यूपीआई के जरिये रकम मिलने की बात कही है।
फर्जी बिल और आईटीसी क्लेम की जांच
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने फर्जी बिल बनवाने और फर्म के जरिए आईटीसी क्लेम किए जाने की जानकारी दी है। पूछताछ में अशद मियां, आकिल मियां और हारिस मियां के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि उनकी भूमिका की पुष्टि विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस अब फर्मों के दस्तावेज, बिल, आईटीसी क्लेम और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।