बरेली। डी-फार्मा फर्जीवाड़े के आरोपी और खुसरो कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। ठगी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर जाफरी और कॉलेज की अस्थायी लिपिक सितारा बी के खिलाफ सीबीगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
369 विद्यार्थियों को थमाई गई थीं फर्जी मार्कशीट
वर्ष 2024 में खुसरो मेमोरियल डिग्री कॉलेज का डी-फार्मा फर्जीवाड़ा सामने आया था। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने 369 छात्र-छात्राओं का डी-फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया और फीस जमा कराई। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को कथित रूप से फर्जी अंकपत्र और डिग्रियां सौंप दी गईं। इस पूरे प्रकरण में करीब 3.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। मामले में खुसरो ग्रुप के चेयरमैन शेर अली जाफरी, उसके बेटे फिरोज, प्राचार्य विश्वनाथ शर्मा और विजय शर्मा समेत कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था। बाद में जाफरी समेत अन्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।
छात्रों ने मुकदमा लिखाया तो उन्हीं पर दर्ज करा दी रिपोर्ट
आरोप है कि डी-फार्मा फर्जीवाड़े के पीड़ित छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तो उन्हें दबाव में लेने के लिए नया दांव चला गया। कॉलेज की अस्थायी लिपिक सितारा बी की ओर से 13 अगस्त 2024 की कथित घटना दिखाकर 28 जनवरी 2026 को सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस रिपोर्ट में देवरनियां के गनूनगला निवासी मुख्त्यार अहमद, रजपुरा माफी निवासी मुजम्मिल, शाहजहांपुर के कटरा निवासी जफर हुसैन, अटा कायस्थान निवासी निक्की और संजीव समेत कई विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस जांच में टिक नहीं सके आरोप, लगी फाइनल रिपोर्ट
सीबीगंज पुलिस ने सितारा बी की ओर से दर्ज मुकदमे की विवेचना की तो लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। जिन छात्रों को आरोपी बनाया गया था, उनका कहना है कि डी-फार्मा फर्जीवाड़े के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की रंजिश में उन्हें झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया गया।
पीड़ित छात्रों ने कोर्ट में रखे सुबूत
शेरगढ़ के गांव ब्योधा निवासी केशव, शाहजहांपुर के कटरा निवासी जफर और शाही क्षेत्र निवासी महेश राठौर ने शेर अली जाफरी एवं सितारा बी के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। छात्रों ने बताया कि उन्होंने खुसरो कॉलेज में डी-फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर पूरी फीस जमा की थी, लेकिन पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उन्हें फर्जी अंकपत्र दे दिए गए। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद बदले की भावना से सितारा बी के माध्यम से उन पर झूठी रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित नहीं होने और फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने का तथ्य भी कोर्ट के सामने रखा गया।
कोर्ट के आदेश पर जाफरी समेत दो नामजद
छात्रों के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सीबीगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने शेर अली जाफरी और सितारा बी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब विवेचना में यह स्पष्ट होगा कि छात्रों पर मुकदमा दर्ज कराने की साजिश किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में रची गई थी।