बरेली। भुता थाना क्षेत्र के गांव फरीदापुर में बृहस्पतिवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। धान के खेत में पानी लगाते समय ट्यूबवेल की मोटर से पानी में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आकर खेत मालिक सरदार रतन सिंह (60) गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें बचाने दौड़ा मजदूर जाहिद खान (23) भी करंट की चपेट में आ गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
गांव फरीदापुर निवासी सरदार रतन सिंह बृहस्पतिवार दोपहर अपने निजी ट्यूबवेल से धान की फसल की सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मोटर से पानी में बिजली का करंट उतर आया। रतन सिंह करंट की चपेट में आ गए और वहीं गिर पड़े। रतन सिंह को तड़पता देखकर उनके यहां काम करने वाला जाहिद खान उन्हें बचाने के लिए दौड़ा। जैसे ही उसने रतन सिंह को बचाने का प्रयास किया, वह भी करंट की चपेट में आ गया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने से पहले थम गईं सांसें
परिजन दोनों को आनन-फानन बरेली के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ दो लोगों की मौत की सूचना गांव पहुंची तो मातम पसर गया। सूचना मिलने पर भुता पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। सरदार रतन सिंह के दो बेटे प्रताप सिंह और पलविंदर सिंह हैं। दोनों निजी कंपनियों में दिल्ली और चंडीगढ़ में नौकरी करते हैं। पिता की मौत की सूचना मिलते ही उन्हें घटना की जानकारी दी गई। पत्नी परमजीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक बेटों के आने के बाद शुक्रवार को रतन सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बचाने गया जाहिद भी नहीं लौटा
23 वर्षीय जाहिद खान रतन सिंह के यहां काम करता था। वह परिवार के खर्च में हाथ बंटाने के लिए करीब 10 वर्षों से दिहाड़ी मजदूरी कर रहा था और अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। अचानक हुई मौत से पिता सज्जन खान और मां नसरीम बेगम बदहवास हैं। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार करने के बाद जाहिद के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। भुता थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच-पड़ताल की। दोनों मृतकों के परिजनों ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है।