बरेली। किसी ने कागज पर 2047 के भारत की तस्वीर उतारी तो किसी ने नारी शक्ति और स्वच्छ भारत का संदेश दिया। बरेली कैंट में बुधवार को बच्चों की कल्पना और पर्यावरण बचाने की मुहिम एक साथ दिखाई दी। आरएन टैगोर इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों ने पोस्टर और भाषण के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई। वहीं लेखा नगर में 108 पौधे रोपकर हरिशंकरी वाटिका तैयार करने की शुरुआत की गई।
आरएन टैगोर इंटर कॉलेज में सेवा संकल्प अभियान के तहत पोस्टर, भाषण और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं हुईं। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे, जबकि छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन भी मौजूद रहीं। बच्चों ने मेरे सपनों का भारत, विकसित भारत 2047, विकसित उत्तर प्रदेश, नारी शक्ति और एक भारत श्रेष्ठ भारत जैसे विषयों को पोस्टर पर उतारा।
उपलक्ष्य और अवित ने पोस्टर में मारी बाजी
पोस्टर प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में उपलक्ष्य ने पहला, जोया ने दूसरा और गायत्री ने तीसरा स्थान हासिल किया। कनिष्ठ वर्ग में अवित सिंह आर्य पहले, मैन्सी दूसरे और अमोली वर्मा तीसरे स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में प्रियांशु ने बाजी मारी। यूसुफ दूसरे और अंजली रोशन तीसरे स्थान पर रहीं। विधायक संजीव अग्रवाल और डॉ. तनु जैन ने विजेता बच्चों को पुरस्कार दिए। डॉ. तनु जैन ने बच्चों के पोस्टर देखे और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। बच्चों को स्वच्छता, पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझना भी जरूरी है।
बच्चों ने कहा- सिंगल यूज प्लास्टिक को ना
कार्यक्रम सिर्फ प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहा। स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत बच्चों ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान में भी हिस्सा लिया। उन्हें सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले नुकसान बताए गए। पानी की बोतलें वितरित कर रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने का संदेश दिया गया। प्रधानाचार्या वन्दना मिश्रा ने अतिथियों का आभार जताया। आयोजन में श्रीधर शुक्ला, संदेश राठौर, डॉ. मनीष गंगवार, स्मिता, कुन्ती मेहता, उपदेश राठौर और कनिका सिन्हा समेत विद्यालय के शिक्षकों ने सहयोग किया।
108 पौधों से तैयार होगी हरिशंकरी वाटिका
बरेली कैंट में बुधवार को पर्यावरण संरक्षण की दूसरी तस्वीर लेखा नगर कॉलोनी के आरए बाजार में दिखाई दी। यहां लेखा विभाग और छावनी परिषद ने मिलकर हरिशंकरी वाटिका के लिए पौधरोपण किया। सुबह करीब साढ़े दस बजे शुरू हुए अभियान में पीपल, बरगद और पाकड़ समेत अलग-अलग प्रजातियों के 108 पौधे लगाए गए। हरिशंकरी में पीपल, बरगद और पाकड़ लगाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता में पीपल को भगवान विष्णु, बरगद को भगवान शिव और पाकड़ को भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए तीनों प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
250 लोग जुटे, पौधे बचाने का भी लिया संकल्प
पौधरोपण में करीब 250 लोगों ने हिस्सा लिया। डॉ. तनु जैन के साथ जेसी त्रिपाठी, आईएफए, मनोज कुमार, डिप्टी आईएफए, एलएओ और लेखा विभाग समेत अन्य कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। डॉ. तनु जैन ने कहा कि सिर्फ पौधा लगाकर जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। असली चुनौती उसे पेड़ बनने तक बचाने की है। कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने और इलाके में हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।