बरेली। जीएसटी में किए गए नए सुधारों का रूहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल ने स्वागत किया है। व्यापारियों ने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए कदम सराहनीय हैं, लेकिन छोटे और मध्यम व्यापारियों की कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। इनका समाधान करना जरूरी है। गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में व्यापार मंडल के संरक्षक एवं व्यापारी नेता डॉ. विकास वर्मा ने जीएसटी व्यवस्था को और सरल बनाने की मांग उठाई।
डॉ. विकास वर्मा ने कहा कि जीएसटी काउंसिल के 57वें प्रस्तावों में गिरफ्तारी संबंधी अधिकार समाप्त करने, अभियोजन की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने, सामान्य पेनल्टी 25 हजार से घटाकर 10 हजार रुपये करने और 90 प्रतिशत रिफंड तीन दिन में स्वतः जारी करने जैसे प्रस्ताव स्वागत योग्य हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पांच करोड़ तक कारोबार वाले व्यापारियों को मिले राहत
डॉ. विकास वर्मा ने मांग की कि पांच करोड़ रुपये तक वार्षिक कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को मासिक रिटर्न के स्थान पर वार्षिक रिटर्न और तिमाही कर भुगतान की सुविधा दी जाए। छोटी-मोटी गलतियों पर भारी जुर्माना लगाने के बजाय विश्वास आधारित व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट, ई-वे बिल और जीएसटी नोटिस से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो। साथ ही मालवाहक वाहनों को अनावश्यक जांच के नाम पर रोकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाए।
छोटे व्यापारियों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों से मिले संरक्षण
व्यापार मंडल ने जीएसटी दरों में स्पष्टता लाने की मांग करते हुए कहा कि 12 प्रतिशत के स्लैब को समाप्त कर वस्तुओं को मुख्य रूप से पांच और 18 प्रतिशत की श्रेणी में रखा जाए। इसके अलावा बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के मुकाबले छोटे और पारिवारिक कारोबारियों को संरक्षण देने के लिए सस्ते ऋण, सरकारी गारंटी योजनाओं और सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की मांग की गई। डॉ. विकास वर्मा ने कहा कि जीएसटी पोर्टल को अधिक तेज और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाना चाहिए, ताकि रिटर्न दाखिल करने और अन्य प्रक्रियाओं में व्यापारियों को परेशानी न उठानी पड़े। रूहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने भी व्यापारियों की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता जताई। व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार जीएसटी सुधारों को आगे बढ़ाते हुए व्यापारियों की शेष मांगों पर भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।