विकास भवन में किसानों ने सुनाया दर्द, खाद-बीज से लेकर खराब रास्तों तक उठे मुद्दे; डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
बरेली। बाढ़ से बर्बाद फसल, खेतों तक पहुंचने में बाधा बन रही टूटी पुलिया और बदहाल रास्तों की शिकायत लेकर पहुंचे किसानों की समस्याओं पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त रुख अपनाया। विकास भवन सभागार में जनसुनवाई के दौरान किसानों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं सामने रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की मौके पर जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए तय समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बाढ़ ने खेतों में छोड़ा नुकसान का निशान
जनसुनवाई में पहुंचे किसानों ने बताया कि बाढ़ के पानी से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसल खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने क्षति का आकलन कराकर नियमानुसार राहत दिलाने की मांग की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
टूटी पुलिया और खराब रास्तों से खेती प्रभावित
किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी पुलिया और खराब रास्तों की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि आवागमन बाधित होने से खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसका सीधा असर कृषि कार्य और फसल की ढुलाई पर पड़ रहा है। बारिश और बाढ़ के दौरान परेशानी और बढ़ जाती है। किसानों ने क्षतिग्रस्त पुलिया और रास्तों की मरम्मत कराने की मांग रखी।
खाद-बीज की समस्या भी पहुंची डीएम तक
जनसुनवाई में खाद, बीज और कृषि से जुड़ी अन्य समस्याएं भी सामने आईं। किसानों ने समय पर कृषि संसाधन उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर की दिक्कतों का समाधान कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शिकायतों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके की स्थिति देखकर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी और लापरवाही से बचने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। प्रशासन की प्राथमिकता किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर उन्हें राहत उपलब्ध कराना है।