नई दिल्ली। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अक्टूबर में शनि देव का नक्षत्र परिवर्तन चार राशियों के लिए खास माना जा रहा है। शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसका स्वामित्व स्वयं शनि के पास माना जाता है। ऐसे में वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।
मेहनत का मिल सकता है बेहतर परिणाम
वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का कारक माना गया है। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र को धैर्य, ज्ञान, स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषियों के मुताबिक अपने ही नक्षत्र में शनि की स्थिति मेहनत करने वाले लोगों को अच्छे परिणाम दिला सकती है। इसका असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है।
वृषभ: नौकरी और कारोबार में बढ़ सकता है लाभ
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन आय और करियर के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। लंबे समय से प्रमोशन या वेतन बढ़ने का इंतजार कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं। कारोबारियों के लिए नए सौदे फायदेमंद साबित हो सकते हैं। पुराने निवेश से भी लाभ मिलने के योग बताए जा रहे हैं।
तुला: नई नौकरी के साथ संपत्ति के बन सकते हैं योग
तुला राशि में शनि उच्च के माने जाते हैं। ऐसे में इस राशि के लोगों को नौकरी में तरक्की या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। नई नौकरी तलाश रहे लोगों के प्रयास सफल होने की संभावना है। मकान, जमीन या वाहन खरीदने की योजना भी आगे बढ़ सकती है। पारिवारिक विवादों में कमी आने के संकेत हैं।
मकर: अटका पैसा मिलने की उम्मीद
मकर राशि के स्वामी शनि हैं। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक यह नक्षत्र परिवर्तन मकर राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकता है। लंबे समय से फंसा पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं और आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है।
कुंभ: बढ़ सकता है मान-सम्मान और आत्मविश्वास
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं। इस राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ सकता है। विदेश से जुड़े काम या कारोबार करने वाले लोगों को फायदा होने के योग हैं। आत्मविश्वास बढ़ने के साथ रुके हुए काम भी गति पकड़ सकते हैं।
शनि के लिए किए जाते हैं ये उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को सरसों के तेल का दान करना, हनुमान चालीसा का पाठ करना और शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।