sप्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में ज्ञान, समृद्धि, भाग्य और संतान के कारक माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति इन दिनों अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं। बृहस्पति ने 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश किया था और 31 अक्टूबर 2026 तक इसी राशि में बने रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु की यह स्थिति अलग-अलग राशियों के लिए शुभ योग बना रही है। विशेष रूप से मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में धन, करियर और कारोबार में लाभ मिलने के योग बताए जा रहे हैं।

मिथुन: फंसा पैसा मिलने के योग

मिथुन राशि के दूसरे यानी धन और कुटुंब भाव में गुरु विराजमान हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दौरान अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से फंसा पैसा वापस मिलने के साथ पैतृक संपत्ति से भी फायदा हो सकता है। वाणी और व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ने के संकेत हैं।

कर्क: आत्मविश्वास बढ़ेगा, करियर में खुलेंगे रास्ते

कर्क राशि में ही गुरु का गोचर होने से हंस राजयोग की स्थिति बन रही है। इसके प्रभाव से आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हो सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ने के साथ करियर में चली आ रही बाधाएं दूर होने और तरक्की के नए अवसर मिलने के योग हैं।

सिंह: संघर्ष के बाद मिल सकती है बड़ी सफलता

सिंह राशि के 12वें भाव में उच्च के गुरु की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती चुनौतियों के बाद आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। विदेश से जुड़े कारोबार, नौकरी या निवेश में सफलता मिलने के साथ विरोधियों पर बढ़त हासिल होने के संकेत हैं।

कन्या: आय के नए स्रोत, कारोबार में बड़ी डील के योग

कन्या राशि के 11वें यानी लाभ भाव में गुरु का होना शुभ माना जाता है। इस अवधि में आय के नए स्रोत बन सकते हैं। कारोबारियों के लिए कोई बड़ी डील फाइनल होने की संभावना है। लंबे समय से अटकी योजनाओं और इच्छाओं के पूरा होने के भी योग बताए जा रहे हैं।

तुला: नौकरी में प्रमोशन और वेतन वृद्धि के संकेत

तुला राशि के दशम यानी कर्म भाव में गुरु का गोचर करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, वेतन वृद्धि या मनचाहा स्थानांतरण मिल सकता है। सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर अटके कार्यों में भी सफलता मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक: भाग्य देगा साथ, कारोबार में लाभ

वृश्चिक राशि के नवम यानी भाग्य भाव में उच्च के गुरु की स्थिति अनुकूल मानी जा रही है। इस दौरान किस्मत का साथ मिलने से महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो सकते हैं। कारोबार में मुनाफा बढ़ने और धार्मिक यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

गुरु के शुभ प्रभाव के लिए बताए गए ये उपाय

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा कर पीले फूल और चने की दाल अर्पित करना शुभ माना जाता है। माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाने और ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का जाप करने की भी सलाह दी जाती है।

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