बरेली। गांधी जयंती पर बरेली में वन्य जीवों और पर्यावरण को बचाने का संदेश सड़कों से लेकर स्पोर्ट्स स्टेडियम तक गूंजा। वन्य प्राणी सप्ताह-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, आईटीबीपी जवानों, एनसीसी कैडेट्स और स्वयंसेवी संगठनों ने वॉकाथन में हिस्सा लिया। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली रवाना की और गुब्बारे उड़ाकर वन्य प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया।
वन विभाग की ओर से शुक्रवार को वन्य प्राणी सप्ताह और सेवा संकल्प अभियान के तहत डीडीपुरम स्थित शहीद चौक और स्पोर्ट्स स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद मंत्री डॉ. अरुण कुमार समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शहीद चौक के आसपास झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। डॉ. अरुण कुमार ने शहीद चौक से वन्यजीव जागरूकता वॉकाथन को हरी झंडी दिखाई। इसमें आठ से दस विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ आईटीबीपी बुखारा कैंप के जवान, एनसीसी कैडेट्स, गंगा समग्र, ईको क्लब और नेचर क्लब समेत विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल हुए। रैली शहीद चौक से शुरू होकर स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंची।
पौधरोपण के बाद 800 मीटर की दौड़
स्पोर्ट्स स्टेडियम में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी और मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने पौधरोपण किया। पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और स्वस्थ शरीर का संदेश देने के लिए 800 मीटर दौड़ भी कराई गई। इसमें मोहम्मद आदिल ने पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद वन मंत्री ने गुब्बारे उड़ाकर वन्य प्राणी सप्ताह-2026 का औपचारिक शुभारंभ किया। वन्य प्राणी सप्ताह आठ अक्टूबर तक प्रदेशभर में मनाया जाएगा।
वन्य जीव सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने कहा कि वन्य प्राणी सप्ताह का उद्देश्य वन्य जीवों की सुरक्षा और उनके प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाना है। वन्य जीव सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और इसका लाभ मनुष्य को भी मिलेगा। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए वन्य जीवों की सुरक्षा जरूरी है। लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।
प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला पुरस्कार
कार्यक्रम के अंत में चित्रकला प्रतियोगिता और 800 मीटर दौड़ में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार दिए गए। अतिथियों को स्मृति चिह्न भी भेंट किए गए। कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल सिंह, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह, डीएफओ बरेली दीक्षा भंडारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार समेत वन विभाग और नगर निगम के अधिकारी, विद्यार्थी और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।