कासगंज। सोमवार शाम कासगंज जिले में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि खुशहाल घर कुछ ही मिनटों में तबाही के मंजर में बदल गए। कहीं मकानों के लेंटर भरभराकर गिर पड़े, तो कहीं कच्ची दीवारें ढह गईं। इन हादसों में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है।
घर बना कब्रगाह, मलबे में दबे परिवार के लोग
सबसे भयावह हादसा थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के गांव घबरा में हुआ, जहां तेज आंधी-बारिश के बीच जितेश के मकान का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। उस वक्त परिवार के कई सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। लेंटर गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए ग्रामीण दौड़ पड़े। किसी ने फावड़ा उठाया, तो कोई हाथों से ही मलबा हटाने लगा। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे में 5 वर्षीय सोनाली और 6 माह के मासूम अवनीश की मौके पर ही मौत हो गई।
मां-बेटा जिंदगी और मौत से जूझते रहे
हादसे में जितेश की 26 वर्षीय पत्नी नीलम और 22 वर्षीय बुआ बबीता गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने नीलम और उसके मासूम बेटे अवनीश को बदायूं के नौशेरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इलाज के दौरान 6 माह के मासूम अवनीश ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत से घर में कोहराम मच गया। मां नीलम जिंदगी के लिए जंग लड़ रही है, जबकि बबीता को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
दूसरी घटना में बुजुर्ग महिला की गई जान
आंधी-बारिश का कहर यहीं नहीं रुका। दूसरी घटना थाना अमापुर क्षेत्र के गांव शेरपुर में सामने आई। यहां एक कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला बादाम श्री और सुनहरी लाल आ गए। दीवार के मलबे में दबकर बादाम श्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुनहरी लाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने गांव में दहशत फैला दी है।
हर तरफ तबाही के निशान, जनजीवन अस्त-व्यस्त
तेज आंधी और बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कई मकानों को नुकसान पहुंचा। सड़कों पर मलबा और पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।
पुलिस-प्रशासन मौके पर, राहत-बचाव जारी
घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। प्रशासनिक टीम आंधी-बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर रही है, ताकि प्रभावित लोगों को राहत दी जा सके।
मौसम की मार ने उजाड़ दिए कई परिवार
यह घटना एक बार फिर बताती है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी भयावह हो सकती हैं। कुछ ही मिनटों में लोगों की जिंदगी बदल जाती है। जो घर कभी खुशियों से भरे थे, आज वहां मातम पसरा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर कच्चे और कमजोर मकानों में रहने वाले परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मातम में डूबा कासगंज, हर आंख नम
घटना के बाद पूरे कासगंज में शोक की लहर है। गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर किसी की आंखें नम हैं। मासूम बच्चों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोई अपने बच्चों को खोने का दर्द बयां नहीं कर पा रहा, तो कोई अपनों के जख्मों के साथ जिंदगी से लड़ रहा है।