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UP NEWSAI चित्र।

बरेली। नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ लेने वाले भवन स्वामियों के लिए जरूरी खबर है। ओटीएस के तहत आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित समय सीमा में मूल बकाया राशि जमा नहीं की तो ब्याज माफी का लाभ खत्म हो जाएगा। इसके बाद गृहकर, जलकर और सीवरकर का बिल पुरानी स्थिति में बहाल हो जाएगा।

12 फीसदी ब्याज पर मिल रही पूरी राहत

उत्तर प्रदेश शासन ने वर्षों से लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर पर लगने वाले 12 प्रतिशत साधारण ब्याज को ओटीएस के तहत पूरी तरह माफ करने का फैसला लिया है। योजना के तहत भवन स्वामियों को पहले आवेदन करना होता है और आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित समय में मूल बकाया राशि जमा करनी होती है।

6000 आवेदन आए, 3600 का हुआ निस्तारण

नगर निगम की ओर से योजना का प्रचार-प्रसार करने के बावजूद अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं आए। इसके बाद निगम ने घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया है, ताकि अधिक से अधिक भवन स्वामी योजना का लाभ उठा सकें। अब तक करीब 6000 आवेदन नगर निगम को मिल चुके हैं। इनमें से तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3600 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है।

6.85 करोड़ की मांग, जमा हुए सिर्फ 1.45 करोड़

निस्तारित 3600 आवेदनों के आधार पर नगर निगम ने कुल 6 करोड़ 85 लाख रुपये की राजस्व मांग निर्धारित की है। इसके सापेक्ष अब तक सिर्फ 549 भवन स्वामियों ने 1 करोड़ 45 लाख रुपये जमा किए हैं। निगम अधिकारियों ने बाकी भवन स्वामियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान करने की अपील की है।

अंतिम तारीख चूके तो नहीं मिलेगी कोई छूट

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि ओटीएस के तहत निस्तारण के बाद भवन स्वामी को जारी पत्र में बकाया राशि और भुगतान की अंतिम तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। तय तारीख तक राशि जमा नहीं करने पर ओटीएस का लाभ समाप्त हो जाएगा और कर बिल अपनी पुरानी स्थिति में आ जाएगा। इसके बाद निगम स्तर से किसी तरह की छूट या रियायत देना संभव नहीं होगा। उन्होंने भवन स्वामियों से अपील की कि वे समय रहते बकाया राशि जमा कर योजना का लाभ उठाएं।

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