बरेली। शहर के आम करदाताओं के बाद अब नगर निगम की नजर सरकारी विभागों और बड़े संस्थानों से संपत्ति कर वसूली पर टिक गई है। लंबे समय से करोड़ों रुपये का बकाया जमा नहीं होने के बाद निगम ने 33 सरकारी विभागों और संस्थानों को दोबारा नोटिस भेजा है। इन्हें वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस के जरिए पुराना हिसाब चुकाने का मौका दिया गया है।
नगर निगम के रिकॉर्ड में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बड़े बकायेदारों में शामिल है। निगम के मुताबिक संस्थान पर करीब 62 करोड़ रुपये की संपत्ति कर देनदारी है। इतनी बड़ी रकम लंबे समय से बकाया होने के कारण अब निगम ने ओटीएस के तहत भुगतान के लिए रिमाइंडर भेजा है।
बरेली कॉलेज पर 20 करोड़, विश्वविद्यालय पर 17 करोड़
बड़े बकायेदारों की सूची में शहर के दो प्रमुख शिक्षण संस्थान भी हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक बरेली कॉलेज पर करीब 20 करोड़ रुपये, जबकि रुहेलखंड विश्वविद्यालय पर करीब 17 करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया बताया गया है। दोनों संस्थानों को भी बकाया निपटाने के लिए रिमाइंडर दिया गया है। करोड़ों के बकायेदारों के बीच सिंचाई विभाग का नाम भी सूची में है। विभाग पर करीब सात लाख रुपये का संपत्ति कर बकाया बताया गया है। नगर निगम ने सिंचाई विभाग को भी नोटिस भेजकर ओटीएस का लाभ लेते हुए रकम जमा करने को कहा है।
पहले नोटिस, अब 33 विभागों को रिमाइंडर
नगर निगम इन विभागों को पहली बार नहीं चेता रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी के मुताबिक बकाया जमा कराने के लिए संबंधित विभागों को पहले भी सूचना दी गई थी। अब 33 सरकारी विभागों और संस्थानों को रिमाइंडर नोटिस भेजे गए हैं, ताकि ओटीएस के दौरान पुराने बकाये का निपटारा हो सके। रिमाइंडर भेजने के साथ ही नगर निगम ने फॉलोअप भी शुरू कर दिया है। अब देखा जाएगा कि कौन से विभाग ओटीएस का फायदा उठाकर बकाया जमा करते हैं। नोटिस के बाद आने वाले भुगतान की निगम स्तर पर समीक्षा भी की जाएगी।