आगरा। उत्तर प्रदेश के Agra जिले के जगनेर क्षेत्र में 13 साल के मासूम अमृत कुशवाह की जिस बेरहमी से हत्या की गई, उसने पूरे इलाके को दहला दिया है। तरबूज लेने खेत पर गया बच्चा शाम तक घर नहीं लौटा और कुछ ही दूरी पर उसका खून से लथपथ शव मिला—गला रेत दिया गया था और आंखें तक निकाल ली गई थीं। घटना के बाद गांव में मातम के साथ गुस्से का विस्फोट हुआ, सड़क जाम कर घंटों तक शव नहीं उठने दिया गया।
दोपहर में निकला, शाम को मिला लहूलुहान शव
जगनेर के गांव रंधीरपुरा निवासी नरेश कुशवाह का बेटा अमृत शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकला था। उसने बहन से कहा था कि वह खेत से तरबूज लेकर आता है। परिजन बताते हैं कि खेत कुछ दूरी पर ही था, इसलिए किसी को कोई शक नहीं हुआ। लेकिन शाम होते-होते जब अमृत वापस नहीं लौटा, तो घरवालों की चिंता बढ़ गई। खोजबीन शुरू हुई तो कुछ ही देर में जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए—चक रोड के पास अमृत का शव खून से सना पड़ा था।
बहन ने देखा तो चीख से कांप उठा गांव
अमृत की तलाश में उसकी बहन भी खेत की ओर पहुंची थी। जैसे ही उसकी नजर भाई के शव पर पड़ी, वह चीख उठी। शव के पास एक थैली पड़ी थी, जिसमें तरबूज रखा हुआ था—यानी मासूम अपनी बात पूरी करके लौट रहा था, लेकिन रास्ते में उसे मौत ने घेर लिया। पास ही खून से सना चाकू भी पड़ा मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या उसी हथियार से की गई।
गला रेतकर हत्या, आंखें निकालने से बढ़ी सनसनी
घटना की क्रूरता ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के मुताबिक, बच्चे का गला धारदार हथियार से काटा गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसकी आंखें भी निकाल ली गई थीं। इस बर्बरता ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि दरिंदगी की हद पार करने वाला अपराध है।
खेत किराए पर देने को लेकर उठा शक
परिजन ने इस मामले में सीधे तौर पर उस परिवार पर आरोप लगाया है, जिसे खेत किराए पर दिया गया था। जानकारी के मुताबिक, खेत एक मुस्लिम परिवार को दिया गया था, जो वहां तरबूज और खरबूज की खेती करता है। परिजन का आरोप है कि उसी विवाद के चलते इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि पुलिस अभी हर एंगल से जांच की बात कह रही है।
सड़क जाम, पुलिस से तीखी नोकझोंक
घटना के बाद गांव में गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। इस दौरान कई घंटों तक सड़क जाम रही, जिससे हालात और बिगड़ गए। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को काबू में किया।
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है। हिंदू-मुस्लिम टकराव की आशंका को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। Aditya Kumar (डीसीपी पश्चिम) ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल लगाया गया है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
पुलिस जांच में क्या आया सामने?
पुलिस के शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि तरबूज तोड़ने को लेकर विवाद हो सकता है। हालांकि अभी तक हत्या की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस हर पहलू—व्यक्तिगत रंजिश, जमीन विवाद और अन्य संभावनाओं—की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सियासी हलचल भी तेज
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के जिलाध्यक्ष Ramnath Sikarwar भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है, जहां विपक्ष सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है।
गांव में मातम, हर आंख नम
अमृत की मौत से पूरा गांव गम में डूबा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि इतना मासूम और शांत स्वभाव का बच्चा किसी से दुश्मनी नहीं रख सकता था, फिर उसके साथ इतनी बेरहमी क्यों हुई—यह सवाल हर किसी को बेचैन कर रहा है।
कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। खुलेआम दिनदहाड़े इतनी क्रूर हत्या होना और आरोपी फरार होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई ही लोगों का भरोसा कायम रख सकती है।