बरेली। आईवीआरआई कर्मचारी शेर बहादुर और उसकी पत्नी खैरुननिशा ने कतर में एनआरआई इंजीनियर के साथ 40 लाख की धोखाधड़ी की। इंजीनियर को एक ऐसा प्लांट भेज दिया जो पहले भी बेचारा चुका था इस पर उन्हें आज तक कब्जा नहीं मिला। थाना इज्जतनगर में शेर बहादुर उनके बेटे, पत्नी और बहू के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी देने, गला दबाकर मारने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। शेर बहादुर और उसकी फ्रॉड फैमिली के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हत्या के प्रयास के मुकदमे में पूरा घर वांटेड है। वह घर पर ताले डालकर फरार हैं। एक और मुकदमा लिखने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर लगाकर उनकी प्रॉपर्टी नीलाम करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
खुशबू इंक्लेव निवासी अहमद अजीज खां ने बताया कि उनके भाई अहमद अजीम खां कतर में इंजीनियर हैं। उन्होंने 16 अगस्त 2019 को ग्राम मुड़िया अहमदनगर स्थित गाटा संख्या 128 मि. में 168.44 वर्गमीटर का प्लॉट खैरुननिशा से खरीदा था। आरोप है कि सौदा 40 लाख रुपये में हुआ था। रजिस्ट्री में भुगतान दर्शाने के लिए चार-चार लाख रुपये के चार चेक दिए गए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि शेर बहादुर ने चेक बैंक में नहीं लगाने और वापस करने की बात कही थी, जबकि पूरे 40 लाख रुपये नकद लिए गए।
एक ही प्लॉट को दोबारा बेचने का आरोप
अहमद अजीज और उनके भाई बैनामे में दर्ज चौहद्दी के मुताबिक प्लॉट पर पहुंचे तो जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आया। आरोपियों द्वारा गाटा संख्या 128 मि. में उपलब्ध रकबे से अधिक क्षेत्रफल के प्लॉटों के बैनामे किए जाने की बात सामने आई। उनके भाई को बेचा गया प्लॉट भी पहले किसी दूसरे व्यक्ति को बेचा जा चुका था।
उन्होंने आरोप लगाया कि खैरुननिशा और उसके पति शेर बहादुर ने जमीन को विवादमुक्त बताकर कथित कूटरचित दस्तावेजों के जरिये बैनामा किया और 40 लाख रुपये हड़प लिए। प्लॉट पर कब्जा मांगने पर उन्हें लगातार पैमाइश कराकर जमीन दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा। एनआरआई होने और कतर में नौकरी के कारण अहमद अजीज बरेली नहीं आ सके।
सात साल बाद मांगा हिसाब, बीवी-बच्चों समेत गायब करने की धमकी
एक जून 2026 को अहमद अजीज ने शेर बहादुर और उसके बेटे गुलाम साबिर से मुलाकात कर प्लॉट पर कब्जा देने या 40 लाख रुपये और 16 लाख रुपये के चेक वापस करने को कहा। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
20 जून की रात करीब आठ बजे शिकायतकर्ता उनके घर पहुंचा और दोबारा जमीन या रकम लौटाने की मांग की। आरोप है कि शेर बहादुर भड़क गया और परिवार समेत गायब कराने की धमकी दी। इसी दौरान गुलाम साबिर ने थप्पड़ मार दिया। इसके बाद पिता-पुत्र ने लात-घूंसों से पीटा और कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से उसका गला दबा दिया।
बहू पर छेड़छाड़ के झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप
अहमद अजीज का आरोप है कि इसी दौरान शेर बहादुर की बहू अबरेशम खान बाहर आई उसने कपड़े फाड़कर छेड़छाड़ की झूठी एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बाद वह अपनी जान बचाकर वहां से निकल गया। 21 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाई। इस पर मामले की जांच एएसपी को सौंप गई सपा की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने खैरुननिशा, आईवीआरआई कर्मचारी शेर बहादुर, उसके बेटे गुलाम साबिर और बहू अबरेशम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।