BAREILLY NEWS: रामगंगा नगर से हरूनगल तक 12 करोड़ में डाली गई 17 किमी की 11 केवी की यूजी लाइन भ्रष्टाचार का शिकार हो गई। घटिया केबल बाक्स होने की वजह से आये दिन ब्रेक डाउन होता रहता है। लाइन लंबी होने के कारण बिजली विभाग के कर्मचारी उसे ठीक करने के लिये दौड़ते रहते हैं, इसके बावजूद फाल्ट ठीक नहीं हो पाते हैं। 11 केवी एवं एलटी वर्टिकल के सहायक अभियंता ने अधिशासी अभियंता को चिट्ठी भेजकर समस्या केबल बाक्स डैमेज होने की जानकारी दी है।
बरेली विकास प्राधिकरण ने हाल ही में रामगंगा नगर और आसपास के इलाकों में 11 केवी यूजी केबल अंडरग्राउंड डलवाई थी। अंडरग्राउड केबल में लगाये गये बाक्स घटिया गुणवत्ता होने के कारण आये दिन खराब हो रहे हैं। फुंक जाते हैं। इसकी वजह से बिजली आपूर्ति बार-बार ठप हो रही है। बिजली विभाग के सहायक अभियंता के मुताबिक रामगंगा नगर के हरुनगला सब स्टेशन से जुड़े फीडर पर लोड सामान्य सीमा में होने के बावजूद केबल बॉक्स लगातार डैमेज हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि फीडर आए दिन ब्रेकडाउन हो रहा है। स्थानीय उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है, जबकि कर्मचारियों का अधिकांश समय इन्हीं फॉल्टों को तलाशने और ठीक करने में निकल रहा है।
17 किलोमीटर लंबी लाइन बनी विभाग के लिए सिरदर्द
रामगंगा नगर फीडर की अंडरग्राउंड लाइन करीब 17 किलोमीटर लंबी है। ऐसे में कहीं भी फॉल्ट आने पर उसे खोजने और दुरुस्त करने में बिजली निगम के कर्मचारियों का अधिकांश समय लग जाता है। इसका सीधा असर शहर के अन्य इलाकों की बिजली सेवाओं पर भी पड़ रहा है। एक फीडर को ठीक करने में पूरा स्टाफ उलझ जाता है। इससे दूसरी शिकायतों के निस्तारण में भी देरी हो रही है।
कभी भी हो सकता है बड़ा ब्रेक डाउन
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति जल्दी बहाल करने के दबाव में केबल बॉक्सों को मानकों के अनुसार तैयार नहीं किया गया। करीब एक दर्जन स्थानों पर अस्थायी तरीके (छीलकर) से जोड़कर लाइन चालू कराई गई है। इससे कभी भी बड़ा ब्रेकडाउन हो सकता है। रामगंगा नगर फीडर की लाइन बीडीए कार्यालय के पीछे, डी-मार्ट के सामने से मजार तक, डोहरा रोड स्थित सनराइज तिराहे और पीलीभीत बाईपास पर कई जगहों से क्षतिग्रस्त है। वहीं न्यू सुपरसिटी और टीपी नगर फीडर की अंडरग्राउंड केबल भी अलग-अलग स्थानों पर खराब है।
केबल बाक्स घटिया होने के कारण लगातार बढ़ रहे फॉल्ट
इस पूरी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस अंडरग्राउंड बिजली नेटवर्क को भविष्य की आधुनिक व्यवस्था बताकर तैयार किया गया था, वह बार बार फुंकने, फाल्ट होने और डैमेज होने के कारण कुछ ही समय में बरबाद हो रहा है। अंडरग्राउड केबल नेटवर्क की जिम्मेदारी संभालने वाले एसडीओ मेडिकल कारणों से अवकाश पर चले गये हैं, लेकिन उनके छुट्टी जाने की वजह यही अव्यवस्था मानी जा रही है।
मुख्य अभियंता का बयान
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि रामगंगा नगर अंडरग्राउंड केबल परियोजना में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं और बार-बार हो रहे फॉल्ट की जानकारी बीडीए सचिव को दे दी गई है। संबंधित एजेंसी को सही तरीके से कार्य कर बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।