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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एनएच-28 पर शनिवार देर रात ऐसा खौफनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। मोतीपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव के पास तेज रफ्तार कार ने पहले एक बाइक को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े कंटेनर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 रफ्तार बनी काल: पहले बाइक को मारी टक्कर, फिर कंटेनर से भिड़ी कार

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मारुति स्विफ्ट कार मोतिहारी की ओर से तेज रफ्तार में आ रही थी। जैसे ही कार रतनपुरा गांव के पास पहुंची, उसने सामने चल रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक को टक्कर मारने के बाद चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे सड़क किनारे खड़े कंटेनर से जा टकराई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े।

कार के उड़ गए परखच्चे, चारों की मौके पर ही मौत

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार के अंदर बैठे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे, जिन्हें बाहर निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों की आंखें नम हो गईं। हर कोई इस दर्दनाक मंजर को देखकर सन्न रह गया। इस हादसे में बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन उसे बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

मौके पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए

हादसे की सूचना मिलते ही मोतीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में दो की पहचान मोतिहारी के हुर्राहा निवासी सोनू कुमार और कृष्णा कुमार के रूप में हुई है। जबकि दो अन्य की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस मृतकों की पहचान कराने के प्रयास में जुटी हुई है और उनके परिजनों को सूचना देने की कोशिश की जा रही है।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह, जांच में जुटी पुलिस

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार हो सकती है। स्थानीय लोगों का भी यही कहना है कि कार बहुत तेज गति में थी, जिसके कारण चालक नियंत्रण नहीं रख सका। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या ड्राइवर नशे में था या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी।

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी, लोगों की उमड़ी भीड़

घटना के बाद एनएच-28 पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के गांवों से लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चार जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो चुकी थीं। कुछ देर के लिए हाईवे पर जाम की स्थिति भी बन गई, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया।

NH-28 बना ‘ब्लैक स्पॉट’? लगातार हो रहे हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-28 पर इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की वजह से यह इलाका हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ बनता जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, स्पीड कंट्रोल के उपाय किए जाएं और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई हो।

चार घरों में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

इस हादसे ने चार परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं। जैसे ही मृतकों के परिजनों को खबर मिली, उनके घरों में कोहराम मच गया। परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है—आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हुई? यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर छोटी सी गलती भी कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।

रफ्तार बन रही जानलेवा, कब जागेगा सिस्टम?

मुजफ्फरपुर का यह हादसा कोई पहला मामला नहीं है। देशभर में हर दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। जरूरत है सख्त ट्रैफिक नियमों के पालन की, बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की और सबसे अहम—लोगों में जागरूकता की। जब तक रफ्तार पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे यूं ही लोगों की जिंदगी छीनते रहेंगे।

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