sरामगंगा के किनारे जुटे ग्रामीण

बरेली। मीरगंज तहसील क्षेत्र के कपूरपुर गांव में रामगंगा नदी की तेज कटान ने ग्रामीणों की आस्था के एक पुराने केंद्र को निगल लिया। कई दिनों से कटान की जद में आया प्राचीन मंदिर मंगलवार रात नदी की धारा में समा गया। बुधवार सुबह ग्रामीण पूजा-अर्चना और मंदिर की स्थिति देखने पहुंचे तो वहां मंदिर का कोई निशान नहीं मिला। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जुट गए। लगातार बढ़ रही कटान से अब आसपास के इलाकों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

कई दिनों से मंदिर की नींव काट रही थी रामगंगा

कपूरपुर गांव के बाहर रामगंगा नदी के किनारे स्थित यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से ग्रामीणों की आस्था का केंद्र था। ग्रामीण यहां नियमित पूजा-अर्चना करने पहुंचते थे। पिछले कई दिनों से नदी का बहाव मंदिर की ओर लगातार कटान कर रहा था। धीरे-धीरे नदी की धारा मंदिर के बेहद करीब पहुंच गई थी। कटान का खतरा बढ़ने के बाद गांव के प्रशासक हरीश लोधी, ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से मंदिर को बचाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन नदी के आगे तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हुईं।

पहले चबूतरा गिरा, फिर दो पिलर, रात में पूरा मंदिर बहा

कटान के कारण मंदिर पर संकट लगातार गहराता जा रहा था। इससे पहले मंदिर का चबूतरा और छोटे गुंबद के दो पिलर नदी में गिर चुके थे। इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि कटान नहीं रुकी तो मंदिर का बाकी हिस्सा भी ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा। मंगलवार रात नदी की कटान अचानक तेज हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक रात में किसी समय मंदिर का बचा हुआ हिस्सा भी भरभराकर रामगंगा की तेज धारा में समा गया।

सुबह पूजा करने पहुंचे ग्रामीण, मंदिर गायब देख रह गए स्तब्ध

बुधवार सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। जिस स्थान पर वर्षों से मंदिर खड़ा था, वहां रामगंगा की धारा बह रही थी। मंदिर का कोई स्पष्ट अवशेष नजर नहीं आया। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वर्षों पुराने आस्था के केंद्र के नदी में समाने से ग्रामीणों में मायूसी है।

मंदिर के बाद अब आबादी की चिंता, लगातार जारी है कटान

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता अब रामगंगा की लगातार बढ़ती कटान को लेकर है। उनका कहना है कि नदी जिस तेजी से जमीन काट रही है, उससे किनारे स्थित अन्य स्थानों के लिए भी खतरा बढ़ता जा रहा है। समय रहते प्रभावी कटानरोधी इंतजाम नहीं किए गए तो नदी का रुख आबादी की ओर बढ़ सकता है। फिलहाल कपूरपुर क्षेत्र में रामगंगा की कटान जारी है। मंदिर के नदी में समाने के बाद ग्रामीण नदी की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और कटान रोकने के ठोस इंतजाम की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *