बरेली। बंद रेलवे फाटक पार करने की कोशिश 50 वर्षीय मोतीलाल की जान पर भारी पड़ गई। उनका भतीजा बाइक को फाटक के नीचे से निकालकर दूसरी ओर पहुंच गया, लेकिन पीछे आ रहे मोतीलाल पैदल ट्रैक पार करने लगे। इसी दौरान बीकानेर-हावड़ा एक्सप्रेस (12372) आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा गुरुवार रात कैंट थाना क्षेत्र के पालपुर कमालपुर के पास हुआ।
फाटक बंद था, भतीजा बाइक लेकर दूसरी ओर पहुंचा
मोतीलाल कैंट थाना क्षेत्र के ठिरिया के रहने वाले थे। वह रात में अपने भतीजे के साथ बाइक से जा रहे थे। पालपुर कमालपुर के पास रेलवे फाटक बंद था। जानकारी के मुताबिक, भतीजे ने बाइक फाटक के नीचे से निकाल ली और दूसरी ओर चला गया। मोतीलाल पैदल फाटक पार करने लगे। तभी ट्रेन वहां पहुंच गई और वह उसकी चपेट में आ गए। बताया गया कि ट्रेन हॉर्न बजा रही थी। इसके बावजूद मोतीलाल ट्रैक पार करने आगे बढ़े। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और रेलवे कर्मचारियों को सूचना दी। हादसा रेलवे के पिलर संख्या 1301/10 के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे। शव ट्रैक पर होने के कारण रेल संचालन प्रभावित हुआ। कर्मचारियों ने शव को ट्रैक से हटवाया, जिसके बाद यातायात सुचारू कर दिया गया।
पुलिस को नशे में होने की प्रारंभिक जानकारी
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में मोतीलाल के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। हादसे के बाद उनके भतीजे ने परिजनों को सूचना दी। परिवार के लोग रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गए। मोतीलाल की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेलवे फाटक बंद होने पर उसके नीचे से पैदल या वाहन निकालना बेहद खतरनाक हो सकता है। ट्रेन के आने का अंदाजा गलत होने पर कुछ सेकंड की जल्दबाजी जानलेवा बन जाती है। पालपुर कमालपुर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि फाटक खुलने तक इंतजार करना ही सुरक्षित रास्ता है।