बरेली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। विपक्ष उनकी इस्तीफे की मांग कर रहा है। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है और पुलिस-प्रशासन भी सतर्क बताया जा रहा है। इसी बीच बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुस्लिम समुदाय से प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
ऑल इंडिया जमात के अध्यक्ष मौलाना रजवी ने अपने बयान में कहा कि पिछले प्रदर्शन के दौरान हालात हिंसक हो गए थे। इसके बाद समाज के कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसी अनुभव का हवाला देते हुए मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली न जाएं।
पिछले अनुभव से सबक लें
मौलाना ने कहा कि दिल्ली, आसपास के इलाकों और अन्य जनपदों के युवाओं को प्रदर्शन से दूर रहना चाहिए। उनका कहना है कि पहले हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए समुदाय के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से किसी भी ऐसे आयोजन में शामिल होने से बचने की अपील की, जहां तनाव या हिंसा की आशंका हो सकती है।
प्रदर्शन से पहले पुलिस-प्रशासन अलर्ट
प्रदर्शन से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में विपक्षी नेताओं, संभावित प्रदर्शनकारियों, छात्रों और नागरिक संगठनों से जुड़े लोगों को घरों, रेलवे स्टेशनों और हॉस्टलों में नजरबंद किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, इन कार्रवाइयों की पूरी जानकारी और अलग-अलग स्थानों की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है।
मस्जिदों के जरिये पहुंचाया जा रहा संदेश
जिला स्तर पर मस्जिदों के जरिये भी लोगों तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की जा रही है कि वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए न जाएं। बताया गया है कि कुछ स्थानों पर पुलिस ने इमामों से संपर्क कर लोगों को समझाने और संदेश आम करने की अपील की है। ऐसे में दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक सतर्कता भी बढ़ गई है।