बरेली। भुता क्षेत्र में बुधवार सुबह करंट की चपेट में आने से एक शिक्षक की मौत हो गई। शिक्षक खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान हाथ धोने के लिए नल पर पहुंचे तो करंट की चपेट में आ गए। साथ रहने वाले शिक्षक ने अन्य साथियों को सूचना दी। गंभीर हालत में उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल और फिर बरेली जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
भुता क्षेत्र के सरकड़ा गांव निवासी पूरनलाल ने बताया कि उनका बेटा नवल किशोर सरथगंज स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में अंग्रेजी के शिक्षक थे। वह करीब तीन वर्ष से विद्यालय में पढ़ा रहे थे। विद्यालय घर से दूर होने के कारण नवल किशोर सरथगंज में ही किराये के मकान में रहते थे। उन्होंने विद्यालय के पास राकेश साहू का मकान किराये पर ले रखा था।
सुबह खाना बनाने की कर रहे थे तैयारी
बुधवार सुबह नवल किशोर रोज की तरह अपने कमरे पर थे। वह खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान हाथ धोने के लिए नल पर गए। नल के पास पहुंचने पर अचानक वह करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी हालत बिगड़ गई। नवल किशोर के साथ रहने वाले जितेंद्र पाल को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल अन्य साथियों को सूचना दी। इसके बाद नवल किशोर को उपचार के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण वहां से डॉक्टरों ने उन्हें बरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित किया
साथी नवल किशोर को लेकर बरेली जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नवल किशोर की मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। सुबह घर से दूर किराये के मकान में हुआ हादसा परिवार के लिए गहरा सदमा बन गया। नवल किशोर करीब तीन वर्षों से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में अंग्रेजी पढ़ा रहे थे। बुधवार सुबह खाना बनाने से पहले हाथ धोने के दौरान हुए हादसे में उनकी जान चली गई। करंट नल में कैसे उतरा, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।