बरेली। मिनी बाईपास और किला क्षेत्र की कॉलोनियों में बारिश के बाद भरे पानी ने अब बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रविवार को जलभराव की हकीकत देखने निकले डीएम अविनाश सिंह के निरीक्षण में सामने आया कि नदी की जमीन और प्राकृतिक जल निकासी वाले क्षेत्र में कॉलोनियां विकसित होने से पानी का रास्ता बाधित हुआ है। इसके बाद डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए जमीन का सीमांकन, अवैध कब्जेदारों को नोटिस और बिना नक्शा स्वीकृत कराए बन रहे दो मकानों को सील करने के आदेश दिए।
डीएम अविनाश सिंह ने मिनी बाईपास स्थित लाजपत नगर, केसर वाटिका, त्रिवेणी एनक्लेव और बालाजी विहार में जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया। जगह-जगह पानी भरने की वजह समझने के लिए उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बात की। लोगों ने बारिश के दौरान कॉलोनियों में पैदा होने वाली परेशानी उनके सामने रखी।
नदी की जमीन पर कॉलोनियां, पानी जाए तो जाए कहां?
निरीक्षण में जलभराव के पीछे चौंकाने वाली वजह सामने आई। प्रशासन के मुताबिक नदी की भूमि और प्राकृतिक जल निकासी क्षेत्र में कॉलोनियां विकसित होने से बारिश के पानी का रास्ता बाधित हो गया है। नतीजा यह है कि तेज बारिश होते ही पानी निकलने के बजाय आबादी वाले इलाकों में जमा होने लगता है। डीएम ने अधिकारियों को जल निकासी का रास्ता दुरुस्त करने के साथ नदी की जमीन पर हुए अतिक्रमण की जांच के निर्देश दिए। बालाजी विहार में मामला गंभीर मिलने पर डीएम ने नदी की जमीन का सीमांकन कराने का आदेश दिया। इसके बाद साफ होगा कि नदी की वास्तविक जमीन कहां तक है और उस पर कहां-कहां कब्जा या निर्माण किया गया है। अवैध कब्जे मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
दो मकानों पर चला प्रशासन का डंडा, सील करने का आदेश
निरीक्षण के दौरान डीएम की नजर दो निर्माणाधीन मकानों पर पड़ी। निर्माण तो तेजी से चल रहा था, लेकिन मौके पर स्वीकृत नक्शा नहीं दिखाया जा सका। इस पर डीएम ने दोनों निर्माणाधीन भवनों को तत्काल सील करने के आदेश दे दिए। इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कराने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। यूएस मेमोरियल स्कूल में चल रहे निर्माण को भी डीएम ने अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। प्रशासन अब निर्माण से जुड़ी स्वीकृतियों की जांच करेगा। डीएम ने साफ किया कि जरूरी अनुमति के बिना निर्माण मिला तो कार्रवाई होगी।
जलभराव की जांच से अब अतिक्रमण तक पहुंची कार्रवाई
बारिश के बाद कॉलोनियों में जलभराव की पड़ताल के लिए शुरू हुआ निरीक्षण अब नदी की जमीन पर कब्जे और अवैध निर्माण की जांच तक पहुंच गया है। प्रशासन के सीमांकन के बाद तस्वीर और साफ होगी कि प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते में कहां-कहां निर्माण खड़े किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम सिटी डॉ. अविनाश त्रिपाठी, एसडीएम सदर ईशिता किशोर समेत नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।