बरेली। अदालतों के चक्कर, तारीख पर तारीख और लंबे समय से चले आ रहे विवादों के बीच शनिवार को बरेली में राष्ट्रीय लोक अदालत ने बड़ी राहत दी। एक ही दिन में 2,27,243 मामलों का निस्तारण कर दिया गया। इनमें अदालतों से लेकर बैंक लोन, ई-चालान, पारिवारिक विवाद और विभिन्न विभागों से जुड़े मामले शामिल रहे। निस्तारित मामलों में 39,20,88,684 रुपये की धनराशि के आदेश पारित हुए। सबसे सुखद तस्वीर पारिवारिक न्यायालयों में दिखी, जहां 239 जोड़ों ने गिले-शिकवे भुलाकर समझौता किया।
अदालतों में निपटे हजारों केस, करोड़ों की रकम पर फैसला
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह-द्वितीय ने किया। अपर जनपद न्यायाधीश एवं लोक अदालत के नोडल अधिकारी उमा शंकर कहार के मुताबिक, सत्र न्यायालयों ने 810 मामलों का निस्तारण कर 20.37 लाख रुपये जुर्माने के आदेश दिए। दीवानी न्यायालयों में 1,107 और फौजदारी न्यायालयों में 92,535 मामले निपटाए गए।
239 रिश्तों को मिला समझौते का रास्ता
लोक अदालत में सिर्फ मुकदमे ही खत्म नहीं हुए, कई परिवारों के बीच लंबे समय से चली आ रही कड़वाहट भी दूर हुई। पारिवारिक न्यायालयों में 239 जोड़ों के बीच समझौता कराया गया। प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अन्सारी ने 159 मामलों में आपसी समझौता कराया, जबकि अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 80 मामलों का निस्तारण किया।
हादसों के 296 केस निपटे, 19.70 करोड़ का समझौता
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण यानी एमएसीटी में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ। यहां 296 मामलों का निस्तारण कर करीब 19.70 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि के आदेश पारित किए गए। वाणिज्यिक न्यायालय में छह मामलों में करीब 1.15 करोड़ रुपये और स्थायी लोक अदालत में पांच मामलों में करीब 37.80 लाख रुपये की समझौता धनराशि तय हुई।
ई-चालानों का लगा अंबार, 1.25 लाख मामलों से मिली राहत
लोक अदालत में ट्रैफिक चालानों से परेशान वाहन चालकों को भी बड़ी राहत मिली। विभिन्न न्यायालयों और यातायात पुलिस के माध्यम से कुल 1,25,126 ई-चालानों का निस्तारण किया गया। पुलिस विभाग ने 60,491 मामलों का निस्तारण किया, जिनमें 37,632 ई-चालान शामिल रहे। इन मामलों में करीब 4.63 करोड़ रुपये जुर्माने के आदेश पारित हुए।
बैंक के 1715 कर्ज मामले निपटे, 8.37 करोड़ की वसूली
बैंक ऋण के विवाद निपटाने के लिए न्यायालय परिसर में 25 विशेष पीठें लगाई गईं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी के मुताबिक, इनके सामने विभिन्न बैंकों से जुड़े 1,715 ऋण मामलों का निस्तारण हुआ। इसके साथ ही करीब 8.37 करोड़ रुपये की ऋण धनराशि की वसूली की गई।
नगर निगम से स्वास्थ्य विभाग तक, हजारों मामले साफ
लोक अदालत का दायरा सिर्फ न्यायालयों तक सीमित नहीं रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने 39,766, नगर निगम ने 12,035, स्वास्थ्य विभाग ने 2,135 और परिवहन विभाग ने 697 मामलों का निस्तारण किया। जिला पंचायत राज अधिकारी स्तर पर भी 15,254 मामलों के निस्तारण के आदेश हुए। उपभोक्ता फोरम, श्रम विभाग, बीडीए, बीएसएनएल और अन्य विभागों के लंबित मामलों पर भी सुनवाई कर निस्तारण किया गया।
कैदियों के हुनर की प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक से दिया कानूनी संदेश
लोक अदालत में न्यायिक कार्रवाई के साथ अलग तस्वीर भी देखने को मिली। केंद्रीय और जिला कारागार के बंदियों की बनाई हस्तशिल्प वस्तुओं और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई। स्वयं सहायता समूहों ने भी अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। रंग विनायक रंगमंडल के कलाकारों, इन्वर्टिस विश्वविद्यालय और अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।