UP NEWSपीड़ित ठेकेदार जावेद अली खान और आरोपी सतीश चन्द्र दीक्षित व खेमेन्द्र कुमार गंगवार।

बरेली। सरकारी ठेकों को लेकर शुरू हुई खींचतान अब मुकदमे तक पहुंच गई है। ठेकेदार जावेद अली खान ने विरोधियों पर झूठी शिकायतों से कारोबार बिगाड़ने, रुपये ऐंठने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री से कार्रवाई मांगी थी। अब बारादरी पुलिस ने तीन नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठेकेदार लखनऊ में बड़े आईएएस अधिकारियों के करीबी माने जाते हैं।

पीलीभीत बाईपास के आकाशपुरम विस्तार निवासी ठेकेदार जावेद अली खान ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बदायूं निवासी सतीश चन्द्र दीक्षित, शाहजहांपुर निवासी सोनम मिश्रा और रामपुर निवासी खेमेन्द्र कुमार गंगवार की शिकायत की। जावेद के मुताबिक, सरकारी विभागों में ठेके मिलने के बाद से ये लोग उनसे रंजिश रखने लगे। उनका काम रोकने और छवि खराब करने के लिए लगातार शिकायतें कराई गईं।

बार-बार शिकायतें, जांच रिपोर्ट लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचे

जावेद ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि सतीश चन्द्र दीक्षित ने उनके खिलाफ आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इसकी जांच बारादरी थाने के उपनिरीक्षक मुनेन्द्र सिंह ने की। पत्र के अनुसार, 28 अगस्त 2026 की जांच रिपोर्ट में शिकायत के आरोप गलत पाए गए। इसके बाद भी शिकायतों का सिलसिला नहीं रुका। जावेद ने कहा कि उन्हें बदनाम कर रुपये ऐंठने के लिए यह शिकायत कराई गई थी।जावेद के मुताबिक, उनकी फर्म पर फर्जी दस्तावेजों से 25 करोड़ रुपये के टेंडर लेने का आरोप लगाया गया। अखबार की कटिंग और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये उन्हें बदनाम किया गया। जावेद ने बताया कि सेतु निर्माण इकाई और लोक निर्माण विभाग की जांच में उनके दस्तावेज सही मिले।

सोशल मीडिया पर लिखा- अभी तो यह अंगड़ाई है

जावेद ने बताया 23 जनवरी 2026 को खेमेन्द्र कुमार गंगवार ने एक पोस्ट में लिखा था, अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। उन्होंने इसे अपने खिलाफ चल रही शिकायतबाजी से जोड़ा है। शिकायत में सोनम मिश्रा की ओर से शाहजहांपुर की अदालत में दाखिल प्रकरण का भी जिक्र है। जावेद के मुताबिक, अदालत ने 18 अक्टूबर 2025 को यह प्रकरण खारिज कर दिया था। जावेद ने शिकायत में कहा कि उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दी गई और परिवार के साथ गालीगलौज की गई। लगातार शिकायतों से उनका कारोबार प्रभावित हुआ और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने 16 सितंबर को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कार्रवाई के साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी मांगी थी। अब बारादरी पुलिस ने बदायूं सिविल लाइंस स्थित नेकपुर निवासी सतीश चंद्र दीक्षित, शाहजहांपुर, अल्लागंज के इस्लामगंज निवासी सोनम मिश्रा आर रामपुर के मिलक गुलरिया भाट निवासी खेमेंद्र कुमार गंगवार व अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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