बरेली। दशहरे के उल्लास के बीच मंगलवार रात जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो भीषण सड़क हादसों ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। नवाबगंज और शाही थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में बाइक सवार चार युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसों के पीछे तेज रफ्तार, अंधेरा और संकरी सड़क को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। दोनों घटनाओं में बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
रामलीला मेला देखकर लौट रहे चचेरे भाइयों की मौत
नवाबगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव जासपुर निवासी विष्णु (21) अपने चचेरे भाई सोनू (18) के साथ नवाबगंज कस्बे में रामलीला मेला देखने गए थे। देर रात दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुंदरी मार्ग पर पृथ्वीपुर नवदिया गांव के पास सामने से आ रही कंबाइन मशीन से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में विष्णु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन घायल सोनू को उपचार के लिए बरेली ले जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एक साथ दो चचेरे भाइयों की मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।
ट्रक को ओवरटेक करते समय दो बाइकों की भिड़ंत
दूसरा हादसा शाही थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के पास मंगलवार शाम करीब सवा सात बजे हुआ। जानकारी के मुताबिक, शीशगढ़ की ओर से आ रही एक बाइक ने ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान दुनका की ओर से आ रही दूसरी बाइक से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार चारों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बकैनिया वीरपुर निवासी अर्जुन (20) और धनेटा निवासी अंकित मौर्य (19) ने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे में सुल्तानपुर निवासी चंद्रपाल (22) और धनेटा निवासी राजेश (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
बहन की शादी से पहले उठी भाई की अर्थी, परिवार में कोहराम
शाही क्षेत्र में हुए हादसे ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मृतक अंकित मौर्य चार भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। वह अविवाहित थे। वहीं, अर्जुन दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। उनकी बहन की शादी सुल्तानपुर गांव निवासी चंद्रपाल से तय हुई है। मंगलवार शाम अर्जुन, चंद्रपाल के साथ दुनका से बाइक पर सुल्तानपुर लौट रहे थे। इसी दौरान अंकित मौर्य और राजेश की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में अर्जुन और अंकित की मौत हो गई, जबकि चंद्रपाल और राजेश घायल हो गए। युवकों की असमय मौत से गांवों में शोक की लहर दौड़ गई।
तेज रफ्तार और अंधेरी सड़क बनी हादसों की वजह
दोनों हादसों के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तेज रफ्तार, सड़क की कम चौड़ाई और पर्याप्त रोशनी नहीं होने को दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बताया। ग्रामीणों के मुताबिक, सुल्तानपुर के पास सड़क संकरी होने के बावजूद वाहन चालक तेज गति से गुजरते हैं। रात के समय अंधेरा होने के कारण सामने से आने वाले वाहनों का सही अनुमान नहीं लग पाता। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2011 में बनी सड़क की हालत अच्छी है, लेकिन चौड़ाई कम होने के कारण यहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। तेज रफ्तार में वाहन आमने-सामने आने पर चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता।
ग्रामीणों ने की स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग
लगातार हो रहे सड़क हादसों से नाराज ग्रामीणों ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। सुल्तानपुर निवासी केशोराम ने सीओ मीरगंज अजय कुमार से सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जरूरी है। उनका मानना है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।