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UP NEWSAI चित्र।

बरेली। सात लाख रुपये खर्च कर बनवाया मकान, लेकिन कुछ ही समय बाद उस पर बुलडोजर चल गया। अब मकान भी नहीं रहा और मुआवजे की रकम भी हाथ नहीं आई। बरेली में 65 साल की बुजुर्ग महिला ने प्लॉट बेचने वाले व्यक्ति पर धोखाधड़ी कर जमीन बेचने और मुआवजे की रकम हड़पने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

जोगी नवादा की रहने वाली ऊषा के पति कमलदीप की वर्ष 2021 में मौत हो चुकी है। ऊषा के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2015 में डोहरिया गांव निवासी प्रताप सिंह से 83.61 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदा था। प्लॉट संख्या 75 पर उन्होंने करीब सात लाख रुपये खर्च कर मकान बनवाया था। महिला का आरोप है कि प्लॉट बेचते समय प्रताप सिंह ने बीडीए से जुड़ी जरूरी जानकारी छिपाई और उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी।

2017 में बीडीए ने ढहा दिया मकान

महिला के मुताबिक, वर्ष 2017 में बीडीए ने उनके बने-बनाए मकान को ढहा दिया। जिस घर को बनाने में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी, वह देखते ही देखते खत्म हो गया। इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि कम से कम मकान टूटने के बदले मिलने वाला मुआवजा तो मिल जाएगा, लेकिन यहां भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

मुआवजा मिला, लेकिन बुजुर्ग महिला के हाथ खाली

ऊषा का आरोप है कि मकान ढहाए जाने के बाद प्रताप सिंह ने बीडीए से मुआवजे की रकम ले ली, लेकिन उन्हें उनका पैसा नहीं दिया। महिला का कहना है कि वह लंबे समय से अपनी रकम मांग रही हैं। हर बार उन्हें इसी महीने पैसे देने का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन रकम नहीं मिली।

पैसे मांगने पर देने से इनकार करने का आरोप

पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि अब प्रताप सिंह ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया है। महिला के मुताबिक, उन्होंने कहा कि रकम खर्च हो चुकी है और अब वह कोई पैसा नहीं देंगे। इससे परेशान होकर बुजुर्ग महिला ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट, मुआवजा दिलाने की मांग

ऊषा ने 12 अक्टूबर 2026 को बिथरी चैनपुर थाने में शिकायत देकर प्रताप सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लॉट बेचते समय जरूरी जानकारी छिपाई गई और बाद में मुआवजे की रकम भी उन्हें नहीं दी गई। महिला ने पुलिस से अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत के साथ 30 जुलाई 2015 को हुए बैनामे का दस्तावेज भी लगाया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों पर प्रताप सिंह का पक्ष सामने नहीं आया है।

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