बरेली। बरेली में कार खरीदने के नाम पर एक लाख 40 हजार रुपये देने के बाद भी खरीदार को न गाड़ी मिली और न ही उसके रुपये वापस किए गए। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपनी रकम मांगी तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी गई। परेशान होकर पीड़ित ने इज्जतनगर थाने में शिकायत की। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
चार लाख में तय हुआ सौदा, पहले ही दे दिए 1.40 लाख रुपये
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के अधलखिया निवासी प्रेम सिंह के मुताबिक, उन्होंने भगवानपुर धीमरी निवासी वीरेंद्र से स्विफ्ट डिजायर कार (यूपी 25 डीबी 8301) खरीदने का सौदा चार लाख एक हजार रुपये में तय किया था। 27 मई 2026 को दो गवाहों की मौजूदगी में उन्होंने वीरेंद्र को एक लाख 40 हजार रुपये नकद दे दिए। बाकी प्रक्रिया पूरी करने के लिए तय हुआ कि फाइनेंस कंपनी की बकाया किस्तें जमा करने के बाद एनओसी लेकर कार उनके नाम ट्रांसफर करा दी जाएगी।
पांच दिन बाद से ही टालने लगा, न कार मिली न रुपये
प्रेम सिंह का आरोप है कि बयाना देने के करीब पांच दिन बाद जब उन्होंने वीरेंद्र से कार दिलाने के लिए कहा तो वह आज-कल कहकर टालने लगा। काफी इंतजार के बाद भी न तो कार मिली और न ही रकम वापस की गई। इसके बाद पीड़ित वीरेंद्र के गांव पहुंचे और ग्रामीणों से इस बारे में जानकारी की।
रुपये मांगने पहुंचे तो तीनों ने दी धमकी
पीड़ित के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब नौ बजे वह अपने रुपये मांगने वीरेंद्र के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां वीरेंद्र, उसकी पत्नी नीतू और बेटी निहारिका बाहर आईं। जब प्रेम सिंह ने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। पीड़ित का आरोप है कि उनसे कहा गया कि रुपये नहीं लौटाए जाएंगे और ज्यादा दबाव बनाने पर झूठा मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया जाएगा।
थाने पहुंचे पीड़ित, दर्ज हुई रिपोर्ट
लगातार रुपये वापस न मिलने से परेशान प्रेम सिंह ने 17 अक्टूबर 2026 को इज्जतनगर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर है।