एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में प्री-पीएचडी प्रस्तुतीकरण संपन्न, पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में गुरुवार को शोधार्थी अवधेश पांडेय का प्री-पीएचडी प्रस्तुतीकरण संपन्न हुआ। उन्होंने ‘इम्पावरिंग जस्टिस : द रोल ऑफ द पॉक्सो एक्ट इन सेफगार्डिंग चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन’ विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया। प्रस्तुतीकरण में बालकों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानूनों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
भारतीय और विदेशी कानूनों का विश्लेषण
शोध में बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए भारतीय कानूनों के साथ विभिन्न देशों में लागू कानूनी प्रावधानों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। शोधार्थी ने बच्चों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पॉक्सो अधिनियम के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत किए।
शोध को प्रभावशाली बनाने के दिए सुझाव
प्रस्तुतीकरण के दौरान विधि संकाय के अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अमित सिंह, प्रो. वीके गुप्ता और प्रो. अरुण प्रकाश सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। शिक्षकों ने शोधार्थी को शोध की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ अंतिम शोध प्रबंध जमा करने से पहले आवश्यक संशोधन एवं सुधार के सुझाव दिए।
प्रो. ए.के. सिंह के निर्देशन में शोध
शोधार्थी अवधेश पांडेय का शोध केजीके कॉलेज, मुरादाबाद के प्रो. ए.के. सिंह के निर्देशन में पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन एवं संपूर्ण आयोजन प्रो. अमित सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।
शिक्षक और शोधार्थी रहे मौजूद
इस अवसर पर डॉ. शहनाज अख्तर, डॉ. लक्ष्मी देवी, डॉ. नईमुद्दीन, प्रेक्षा सिंह, डॉ. अनुराधा यादव, डॉ. प्रीति वर्मा और डॉ. सचिन रस्तोगी सहित विधि विभाग के शोधार्थी, एलएलएम के छात्र-छात्राएं तथा कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें शैलेंद्र सिंह, श्रद्धा स्वरूप, सचिन कुमार, तपेश्वरी देवी, वीरेश कुमार और कृतिका सहित गुलाब सिंह, रामवचन और मोहित शामिल रहे।