बरेली। आजमगढ़ से स्थानांतरित होकर आए वर्ष 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी चिराग जैन ने बुधवार को बरेली के पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) का कार्यभार संभाल लिया। वह इससे पहले आजमगढ़ में एसपी ग्रामीण के पद पर तैनात थे। उन्होंने आईपीएस मानुष पारीक का स्थान लिया है। मानुष पारीक को आजमगढ़ का एसपी सिटी बनाया गया है। चिराग जैन प्रयागराज में तैनाती के दौरान अपहरण के आरोपी को पकड़ने के लिए चलाए गए अनोखे ऑपरेशन को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं।
इंजीनियरिंग के बाद छोड़ी नौकरी, तीसरे प्रयास में बने आईपीएस
चिराग जैन मूल रूप से राजस्थान के डीग क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनका जन्म 23 सितंबर 1994 को हुआ था। उनके पिता का नाम धर्मेंद्र कुमार जैन है। शुरुआती शिक्षा डीग में पूरी करने के बाद उन्होंने एनआईटी जयपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद करीब एक वर्ष तक पुणे स्थित टाटा मोटर्स में नौकरी की। वर्ष 2016 में नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने प्रयास जारी रखा और वर्ष 2019 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 160वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित हुआ।
युवती बनकर आरोपी से की चैट, फिर कराया गिरफ्तार
प्रयागराज में तैनाती के दौरान वर्ष 2022 में चिराग जैन एक अपहरण के मामले को सुलझाने के लिए चर्चा में आए थे। घूरपुर थाना क्षेत्र से एक युवती का अपहरण कर आरोपी उसे मुंबई ले गया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस को उसका सोशल मीडिया अकाउंट सक्रिय होने की जानकारी मिली। इसके बाद चिराग जैन ने युवती के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर आरोपी से बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसका मोबाइल नंबर हासिल किया गया। इसके आधार पर लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आजमगढ़ में विदाई के दौरान भावुक हुआ माहौल
बरेली स्थानांतरण के बाद आजमगढ़ में आयोजित विदाई कार्यक्रम भी चर्चा में रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस की वर्दी पहने एक बच्चे ने चिराग जैन के लिए कविता सुनाई। बच्चे की प्रस्तुति से माहौल भावुक हो गया। इस दौरान चिराग जैन भी भावुक नजर आए। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिल चुका है सम्मान
चिराग जैन को पुलिस सेवा में योगदान के लिए 26 जनवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक का रजत प्रशंसा चिह्न भी प्रदान किया जा चुका है। प्रयागराज और आजमगढ़ में सेवाएं देने के बाद अब उन्हें बरेली शहर की कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी मिली है।