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उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, साल 2025 में राज्य में 2739 एनकाउंटर हुए, जिनमें 48 अपराधी मारे गए और 3153 घायल हुए। वहीं 2017 से 2025 तक कुल 16,284 मुठभेड़ों में 266 अपराधी ढेर किए गए। इसके अलावा माफिया की 4137 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई की गई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती साल 2025 में अपने चरम पर नजर आई। उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में 20 मार्च 2017 से 29 दिसंबर 2025 तक के पुलिस एनकाउंटर से जुड़े विस्तृत आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पुलिस मुठभेड़ों के दौरान 48 अपराधी मारे गए, जो बीते आठ वर्षों में सबसे अधिक है।

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश भर में कुल 2739 पुलिस मुठभेड़ हुईं। इन मुठभेड़ों में जहां 48 अपराधी मारे गए, वहीं 3153 अपराधी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय और सतर्क रही है।

डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में कुल 16,284 पुलिस मुठभेड़ दर्ज की गई हैं। इन कार्रवाइयों में 266 अपराधियों को मार गिराया गया है, जबकि 10,990 बदमाश घायल हुए हैं। पुलिस का दावा है कि इन अभियानों का उद्देश्य संगठित अपराध, माफिया नेटवर्क और गंभीर आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

पुलिस की कार्रवाई केवल एनकाउंटर तक सीमित नहीं रही। डीजीपी ने जानकारी दी कि बीते वर्षों में माफिया और संगठित अपराधियों की करीब 4137 करोड़ रुपये की संपत्ति या तो जब्त की गई है या बुलडोजर कार्रवाई के तहत ध्वस्त की गई है। यह कार्रवाई अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी व्यापक अभियान चलाया गया। पुलिस के अनुसार, प्रदेश भर में 1,17,145 लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं, जबकि 1,85,468 लाउडस्पीकरों की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप कम कराई गई है।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस कानून के दायरे में रहकर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा और प्रदेश में स्थायी शांति बनाए रखना है।

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