बरेली। पीलीभीत बाइपास के चर्चित गोलीकांड में नाम आने के बाद सुर्खियों में रहा कृष्णपाल यादव उर्फ केपी अब जमीन की खरीद-बिक्री में जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े एक दूसरे गैंग में लीडर के तौर पर पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। बरेली पुलिस ने गैंग डी-278/2025 में दिल्ली के सलीम साबरी को नया सदस्य बनाया है। इसके बाद गैंग लीडर समेत इस गिरोह में कुल 10 नाम हो गए हैं। पुलिस अब इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
केपी का नाम इससे पहले पीलीभीत बाइपास के चर्चित प्लॉट विवाद और गोलीकांड में सामने आया था। पुलिस रिकॉर्ड में रिठौरा निवासी कृष्णपाल यादव उर्फ केपी हिस्ट्रीशीटर है। गोलीकांड की जांच के दौरान भी उसका नाम सामने आया था। बाद में राजीव राना से जुड़े गैंग में भी केपी को शामिल किया गया था। अब जमीन की खरीद-बिक्री में जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े गैंग डी-278/2025 में पुलिस ने केपी को लीडर बनाया है। यानी जिस केपी का नाम पहले पीलीभीत बाइपास गोलीकांड में सामने आया था, अब उसी के नेतृत्व वाले गैंग में दिल्ली के सलीम साबरी की भी एंट्री हो गई है।
अब जमीन के खेल में केपी गैंग
बरेली पुलिस ने जमीन की बिक्री में लोगों के साथ कथित जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़े इस गिरोह को 30 दिसंबर 2025 को डी-278/2025 नंबर से पंजीकृत किया था। गैंग में बरेली के अलग-अलग इलाकों के अलावा बदायूं के लोगों के नाम पहले से शामिल थे। अब इसमें दिल्ली कनेक्शन भी जुड़ गया है। पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली के विष्णु गार्डन, तिलक नगर निवासी सलीम साबरी को गैंग का नया सदस्य बनाया है। सलीम के शामिल होने के बाद गैंग लीडर समेत सदस्यों की संख्या 10 हो गई है।
बहेड़ी के मुकदमे से जुड़ा सलीम का नाम
पुलिस के मुताबिक सलीम साबरी का नाम बहेड़ी थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 621/2024 से जुड़ा है। मुकदमा आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज किया गया था। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप शामिल हैं। पुलिस ने जांच के बाद सलीम के खिलाफ 23 सितंबर 2026 को आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया। इसके बाद उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए उसे डी-278/2025 गैंग में शामिल किया गया।
केपी के साथ ये आठ नाम पहले से थे शामिल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार केपी गैंग में सोनू यादव उर्फ अमित कुमार सिंह, शाजेब उर्फ आंशू, यशपाल, विदित शर्मा उर्फ विजित शर्मा, जितेंद्र गंगवार उर्फ जितेंद्र कुमार, सुमित शर्मा, रजनी मौर्य (कथित राजेश्वरी) और मनोज कुमार पहले से सदस्य हैं। अब सलीम साबरी को नौवें सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस तरह गैंग लीडर केपी को मिलाकर पुलिस की सूची में कुल 10 नाम हैं। इनके पते बरेली के रिठौरा, भुता, इज्जतनगर, प्रेमनगर, सीबीगंज, नवाबगंज और बहेड़ी के साथ बदायूं और दिल्ली से जुड़े हैं।
गैंगस्टर एक्ट में भी कसेगा शिकंजा
पुलिस के मुताबिक गैंग पंजीकरण के बाद गिरोह में शामिल लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक संगठित अपराध से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी।