ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर, पात्र किसानों को केसीसी से जोड़ने के लिए गांववार मैपिंग के निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राविधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बजट प्राविधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और विकास योजनाओं में खर्च की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी हों और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए गांववार और किसानवार मैपिंग कराकर पात्र किसानों को चिह्नित करने तथा उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा।
ग्रामीण ऋण व्यवस्था के लिए क्रेडिट कॉन्क्लेव’ की तैयारी
योगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने को कहा। उनका जोर बैंकिंग संस्थाओं और ग्रामीण जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर रहा, ताकि पात्र किसान और ग्रामीण लाभार्थी वित्तीय योजनाओं से प्रभावी ढंग से जुड़ सकें।
फील्ड में उतरकर विकास कार्यों की निगरानी करेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को बजट व्यय की नियमित निगरानी कर प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों से फील्ड में जाकर विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।