बरेली। मिशन शक्ति के नाम पर सिर्फ कार्यक्रम और कागजी कार्रवाई नहीं, अब जमीन पर उसका असर भी परखा जाएगा। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने शुक्रवार को जिलेभर की मिशन शक्ति टीमों और थाना प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने टीमों से सीधे पूछा कि महिलाओं और बालिकाओं के बीच पहुंचने पर कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है, कहां परेशानी आ रही है और शिकायत मिलने के बाद पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई कर रही है।
रिजर्व पुलिस लाइन के रविन्द्रालय में हुई बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, प्रभारी निरीक्षक और मिशन शक्ति टीमों से जुड़े पुलिसकर्मी पहुंचे। एसपी दक्षिणी ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों और महिला-बालिका सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी ली। साथ ही यह भी जाना कि अभियान की पहुंच वास्तव में महिलाओं तक कितनी हो रही है।
फाइलों से आगे बढ़ी समीक्षा, सीधे पूछा ग्राउंड पर क्या हो रहा
बैठक में केवल अभिलेखों और आंकड़ों पर बात नहीं हुई। एसपी दक्षिणी ने फील्ड में काम करने वाली टीमों से सीधे फीडबैक लिया। महिलाओं और बालिकाओं से बातचीत के दौरान सामने आने वाली समस्याएं, उनकी शिकायतें और जागरूकता कार्यक्रम चलाने में आने वाली मुश्किलों पर चर्चा की गई। जहां समन्वय की कमी या व्यावहारिक दिक्कत सामने आई, वहां संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए गए।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी मिशन शक्ति टीमों की मौजूदगी
एसपी दक्षिणी ने टीमों से कहा कि महिलाओं से संवाद केवल अभियान या कार्यक्रम के दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर लगातार सक्रियता दिखाई जाए। महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा उपायों, उनके अधिकारों, हेल्पलाइन और पुलिस की सहायता सेवाओं की जानकारी दी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना झिझक मदद मांग सकें।
महिला की शिकायत आई तो टालमटोल नहीं, तुरंत होगा एक्शन
बैठक में महिला संबंधी शिकायतों पर विशेष जोर रहा। मिशन शक्ति टीमों और थाना प्रभारियों को ऐसी शिकायतों को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ लेने को कहा गया। शिकायत मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अब थाना प्रभारी खुद देखेंगे अभियान का असर
मिशन शक्ति की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों को भी दी गई है। उन्हें अपने क्षेत्र में अभियान के तहत होने वाली गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने और यह देखने को कहा गया कि अभियान सिर्फ थाने की रिपोर्ट तक सीमित न रहे। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़े मिशन शक्ति के काम में सक्रियता और संवेदनशीलता दोनों जरूरी हैं।