बरेली। सात फेरे लिए अभी पांच महीने ही बीते थे कि विवाहिता की जिंदगी खत्म हो गई। क्योलड़िया क्षेत्र में नवविवाहिता की मौत के बाद मायके वालों ने पति और ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि शादी के बाद बेटी से दहेज में कार की मांग की जा रही थी। 15 सितंबर को उसकी मौत हो गई। मामले में फरार चल रहे पति सोनू को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव कोकिली निवासी तुलाराम ने अपनी बेटी की शादी 17 अप्रैल 2026 को बरेली के क्योलड़िया क्षेत्र के गांव ज्योति जागीर निवासी सोनू के साथ की थी। परिवार ने बेटी को खुशी-खुशी ससुराल विदा किया, लेकिन पांच महीने के भीतर ही उसकी मौत की खबर मायके पहुंच गई।
दहेज में कार मांगने का आरोप,
विवाहिता के पिता का आरोप है कि शादी के बाद सोनू और उसके परिवार के लोग दहेज में कार की मांग करने लगे थे। इसी को लेकर बेटी को परेशान किया जाता था। 15 सितंबर को बेटी की मौत के बाद पिता ने पति और उसके परिवार पर बेटी को मारने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर क्योलड़िया थाने में सोनू समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज मृत्यु और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
दस दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा पति
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस सोनू की तलाश कर रही थी। शुक्रवार, 25 सितंबर को पुलिस को उसके क्योलड़िया-भौआ बाजार मार्ग की तरफ होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मधुनगला मोड़ के पास घेराबंदी कर 23 वर्षीय सोनू को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। कार्रवाई में थानाध्यक्ष कर्म सिंह पाल, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार और कांस्टेबल श्रवण कुमार शामिल रहे।